पेपर लीक रोकने के लिए PM मोदी का बड़ा ऐलान: देशभर में बनेंगे Fast-Track Courts

Kittu Kumari26 July 20262 min read62 viewsNational
पेपर लीक रोकने के लिए PM मोदी का बड़ा ऐलान: देशभर में बनेंगे Fast-Track Courts

दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पेपर लीक करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए देशभर में Fast-Track Courts बनाने का ऐलान किया है। इन अदालतों का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक में शामिल दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाना है। सरकार ने छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने को अपनी टॉप प्रायोरिटी बताया है। इस बड़े कदम से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

• देशभर में पेपर लीक मामलों के लिए Fast-Track Courts का गठन।

• Nandan Nilekani की अध्यक्षता में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन।

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

• परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने पर जोर।

• NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की सुनवाई दिल्ली के Rouse Avenue Court में शुरू।

पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून

प्रधानमंत्री मोदी ने ऐलान किया है कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से भरोसेमंद बनाने के लिए एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाई गई है, जिसका नेतृत्व Nandan Nilekani करेंगे। यह टीम परीक्षा सुधारों पर काम करेगी ताकि भविष्य में किसी तरह की धांधली न हो। Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 के तहत दिल्ली के Rouse Avenue Court Complex में NEET-UG 2026 पेपर लीक केस की पहली सुनवाई शुरू हो चुकी है। सरकार का साफ कहना है कि छात्रों का भविष्य खराब करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

देशभर में फैलेगा बदलाव का असर

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने PM मोदी के इस फैसले की सराहना की है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं और छात्रों के हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस मुहिम को आगे बढ़ाते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में चार Fast-Track Courts बनाने की घोषणा की है। इन अदालतों का लक्ष्य पेपर लीक से जुड़े मामलों को मात्र तीन महीने के भीतर निपटाना है।

कानूनी ढांचे को मिलेगी मजबूती

यह सभी कदम Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 की दिशा में उठाए जा रहे हैं। इसका मकसद भारत में चीटिंग रोकने के ढांचे को और अधिक मजबूत करना है ताकि दोषियों को सख्त सजा मिले और ट्रायल में देरी न हो। सरकार का मानना है कि तकनीक और कानूनी सुधारों के मेल से ही परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह से सुरक्षित बनाया जा सकता है।

Share:

Comments

Leave a comment