पीतमपुरा रामलीला में रावण के साथ जलेगा 30 फीट का 'कॉकरोच', स्वच्छता का देंगे संदेश

Kittu Kumari15 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
पीतमपुरा रामलीला में रावण के साथ जलेगा 30 फीट का 'कॉकरोच', स्वच्छता का देंगे संदेश

दिल्ली के पीतमपुरा में आयोजित होने वाली श्री केशव रामलीला इस बार कुछ खास और अनोखे अंदाज में नजर आएगी। यहां पारंपरिक रूप से जलाए जाने वाले रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों के साथ एक 30 फीट ऊंचा 'कॉकरोच' का पुतला भी फूंका जाएगा। यह आयोजन 20 अक्टूबर 2026 को दशहरा के मौके पर होगा, जहां इस विशालकाय कॉकरोच को रावण की सेना के एक हिस्से के रूप में दिखाया जाएगा।

श्री केशव रामलीला कमेटी के अध्यक्ष और भाजपा विधायक अशोक गोयल ने बताया कि इस पुतले को जलाने का मकसद समाज में 'गंदगी और कूड़े' के खिलाफ संदेश देना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल 'स्वच्छ भारत' और 'स्वच्छ दिल्ली' अभियानों को समर्थन देने के लिए की गई है, ताकि लोगों को सफाई के प्रति जागरूक किया जा सके और बुराई पर अच्छाई की जीत के संदेश को मजबूती मिले। उन्होंने इस फैसले के पीछे किसी भी तरह के राजनीतिक उद्देश्य से इनकार किया है।

राजनीतिक विवादों और विरोध प्रदर्शनों का साया

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दिलचस्प बात यह है कि यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राजधानी में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नाम के एक युवा आंदोलन को लेकर काफी चर्चा और विवाद चल रहा है। हाल ही में हरियाणा के मंत्री और भाजपा नेता अनिल विज ने इस पार्टी के नाम पर तंज कसते हुए कॉकरोच को एक 'गंदा कीड़ा' बताया था और पार्टी को नाम बदलने की सलाह दी थी।

वहीं, दूसरी ओर दिल्ली पुलिस और CJP के बीच तनाव भी देखा गया है। 14 अक्टूबर 2026 को जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन की कोशिश करने वाले CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर को कानूनी विरोध स्थल की सूची से हटा दिया है और इसके विकल्प के तौर पर रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड जैसे स्थानों को निर्धारित किया है।

इस बीच, पीतमपुरा रामलीला में कई दिग्गजों की मौजूदगी भी दर्ज की गई है। 11 अक्टूबर को हुए उद्घाटन में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शामिल हुईं, वहीं 14 अक्टूबर को भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने रामचरितमानस के पाठ और भक्ति गीतों से माहौल को आध्यात्मिक बनाया। यह रामलीला 14 से 19 अक्टूबर तक चलेगी, जिसका समापन 20 तारीख को पुतला दहन के साथ होगा।

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