लैक्मे फैशन वीक में पर्ल एकेडमी का जलवा, 'GenAnokhi' शोकेस और नई स्टाइलिंग गाइड लॉन्च

फैशन की दुनिया में जब परंपरा और आधुनिकता का मिलन होता है, तो कुछ नया और अनोखा जन्म लेता है। कुछ ऐसा ही नजारा 18 अक्टूबर, 2026 को लैक्मे फैशन वीक x FDCI के फिनाले में देखने को मिला, जहां पर्ल एकेडमी ने अपने स्टूडेंट्स के जरिए 'GenAnokhi: India, Worn Your Way' नाम का एक शानदार रनवे शोकेस पेश किया। 'फर्स्ट कट' प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजित इस शो ने यह साबित कर दिया कि आज की नई पीढ़ी भारतीय फैशन की पहचान को किस तरह ग्लोबल प्रभाव और डिजिटल कल्चर के साथ जोड़कर नए सिरे से परिभाषित कर रही है।
परंपरा और आधुनिकता का संगम
इस शोकेस की सबसे खास बात यह थी कि इसमें केवल आधुनिक डिजाइन ही नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध विरासत को भी जगह दी गई। रनवे पर छह कुशल कारीगरों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसमें चारपाई बुनाई, जरदोजी कढ़ाई, हैंडलूम वूल, ब्लॉक प्रिंटिंग, गोटा पट्टी और चरखा कताई जैसी विशेष तकनीकें शामिल थीं। यह पूरा आयोजन इस बात का प्रमाण था कि कैसे पारंपरिक कलाओं को आज के दौर के फैशन में ढालकर उन्हें प्रासंगिक बनाया जा सकता है।
रनवे की इस चमक-धमक के बाद एक और बड़ा ऐलान हुआ। पर्ल एकेडमी के चेयरमैन शरद मेहरा ने अपनी नई किताब 'The Ultimate Styling Guide for Modern Men' लॉन्च की, जिसे पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया द्वारा प्रकाशित किया गया है। यह किताब पुरुषों के लिए एक गाइड की तरह है, जो उन्हें अपनी पर्सनल स्टाइल विकसित करने, एक वर्सटाइल वार्डरोब बनाने और अलग-अलग मौकों के हिसाब से सही कपड़े चुनने में मदद करेगी।
शरद मेहरा की यह किताब केवल ट्रेंड्स के पीछे भागने के बजाय व्यक्तिगत अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास पर जोर देती है। संस्थान का मानना है कि चाहे वह छात्रों का 'GenAnokhi' शोकेस हो या यह स्टाइलिंग गाइड, दोनों ही इस बात को रेखांकित करते हैं कि कपड़े केवल शरीर ढकने का साधन नहीं, बल्कि रचनात्मक अभिव्यक्ति और व्यक्तिगत पहचान का एक सशक्त माध्यम हैं।