एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता पवन सहरावत की मांग, कोच रणधीर सहरावत को मिले द्रोणाचार्य पुरस्कार

Kittu Kumari28 September 20262 min read2 viewsNational
एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता पवन सहरावत की मांग, कोच रणधीर सहरावत को मिले द्रोणाचार्य पुरस्कार

नई दिल्ली में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय कबड्डी टीमें रविवार को स्वदेश लौट आईं। पुरुष और महिला दोनों टीमों ने फाइनल मुकाबले में ईरान को हराकर अपना खिताब सफलतापूर्वक बचाया। भारतीय कबड्डी के स्टार खिलाड़ी पवन सहरावत ने इस जीत के बाद कहा कि ईरान के खिलाफ फाइनल मुकाबला एकतरफा जैसा लगा और आने वाले वर्षों में कोई भी टीम भारत के दबदबे को नहीं रोक पाएगी।

भारत का शानदार प्रदर्शन

एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों ने ईरान को मात दी। पुरुष टीम ने 40-34 से जीत दर्ज की, जबकि महिला टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर अपना खिताब बचाया। पवन सहरावत ने ANI से बातचीत में कहा कि मैच के हाफ-टाइम तक थोड़ी प्रतिस्पर्धा थी, लेकिन उसके बाद मुकाबला पूरी तरह से एकतरफा हो गया। उन्होंने देशवासियों का समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि राष्ट्रगान सुनते ही रोंगटे खड़े हो गए थे।

कोच के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार की मांग

पवन सहरावत ने केंद्र सरकार से अपने कोच रणधीर सहरावत को प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित करने का आग्रह किया है। रणधीर सहरावत एक प्रसिद्ध भारतीय कबड्डी कोच हैं जो प्रो कबड्डी लीग (PKL) में गुजरात जायंट्स से जुड़े हुए हैं। पवन सहरावत, जो पीकेएल में तमिल थलाइवाज का प्रतिनिधित्व करते हैं और उद्घाटन समारोह में भारत के पुरुष ध्वजवाहक थे, ने कहा कि ईरान को भारत को हराने के लिए बहुत तैयारी की जरूरत होगी।

एशियाई खेलों में कबड्डी का इतिहास

1990 में पुरुषों की प्रतियोगिता में कबड्डी की शुरुआत के बाद से भारत ने दस में से नौ संस्करणों में स्वर्ण पदक जीता है। केवल 2018 के ऑस्ट्रेलियाई संस्करण में भारत को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था। महिलाओं की कबड्डी को 2010 में शामिल किया गया था, और तब से भारत ने चार स्वर्ण और एक रजत पदक जीता है। कुल मिलाकर 13 स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य के साथ भारत एशियाई खेलों में सबसे सफल कबड्डी टीम है, जबकि ईरान दस पदकों के साथ दूसरे स्थान पर है।

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