मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार इस्तीफा दें, SIT जांच की मांग के बीच पवन खेड़ा का बड़ा बयान

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
नयी दिल्ली में शनिवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेंद्र कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में सीईसी के खिलाफ एसआईटी जांच की मांग वाली याचिका के बीच कहा कि सीईसी को खुद इस्तीफा दे देना चाहिए। पवन खेड़ा ने कहा कि ज्ञानेंद्र कुमार का इस्तीफा देना उनके अपने हित में होगा और इससे उनका भविष्य सुरक्षित रहेगा। खेड़ा ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के भीतर से ही आवाजें उठ रही हैं। यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में दाखिल उस याचिका के बाद गरमाया है जिसमें सीईसी के खिलाफ एकतरफा फैसले लेने और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। याचिका में द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया कि चुनाव आयुक्तों ने कई बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
चुनाव आयोग के फैसलों पर उठे सवाल
याचिका में दावा किया गया कि फॉर्म 6 में बदलाव करके पहली बार मतदान करने वालों के लिए पिछली एसआईटी जानकारी देना अनिवार्य कर दिया गया। कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति दूसरों को प्रधानमंत्री बना सकता है तो उसे ही देश का प्रधानमंत्री बना दिया जाए। पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के उस बयान पर जिसमें उन्होंने सीईसी का समर्थन किया था, खेड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बयानों पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सवाल उठाने वाले लोग सिस्टम के अंदर से ही सामने आ रहे हैं।
विपक्ष का प्रदर्शन और चुनाव आयोग का पक्ष
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राजद, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और वाम दलों सहित कई विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर हमले तेज कर दिए हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जम्मू-कश्मीर, असम, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और मणिपुर समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन किए। असम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकार पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ क्रूर कार्रवाई करने का आरोप लगाया। वहीं, भाजपा ने विपक्ष के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए चुनावी हार से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया। चुनाव आयोग ने भी स्पष्ट किया है कि आंतरिक तकनीकी टिप्पणियां और लिखित सवाल सामान्य कामकाज का हिस्सा हैं और सभी अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे। यह पूरा मामला 29 सितंबर को होने वाली कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में भी उठाया जा सकता है।