पवन हंस बढ़ाएगा हेलीकॉप्टर सेवाओं का दायरा, अब सीप्लेन और eVTOL तकनीक पर फोकस

भारत में हवाई यात्रा को और अधिक सुलभ और आधुनिक बनाने की तैयारी है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने पवन हंस को हेलीकॉप्टर सेवाओं के विस्तार में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया है। दिल्ली में पवन हंस के 42वें स्थापना दिवस के अवसर पर बोलते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब खास तौर पर हेली-एम्बुलेंस सेवाओं और धार्मिक पर्यटन स्थलों को जोड़ने पर जोर दिया जाएगा, ताकि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिल सके।
मंत्री नायडू ने देश में हेलीकॉप्टरों की बढ़ती मांग का जिक्र करते हुए बताया कि वर्तमान में भारत में लगभग 250 नागरिक हेलीकॉप्टर संचालित हैं, जबकि भविष्य में यह मांग 1,000 से अधिक होने का अनुमान है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। संशोधित उड़ान (UDAN) योजना के तहत 3,661 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसके जरिए अगले दस वर्षों में 200 आधुनिक हेलीपैड्स विकसित किए जाएंगे।
सीप्लेन और भविष्य की उड़ान तकनीक पर जोर
सिर्फ हेलीकॉप्टर ही नहीं, बल्कि अब पानी पर उतरने वाले विमानों यानी सीप्लेन को लेकर भी तैयारी तेज है। नागरिक उड्डयन सचिव वुमलुनमंग वुअलनाम ने बताया कि सीप्लेन के लिए नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं (CAR) को सरल बना दिया गया है। उन्होंने राज्य सरकारों से अपील की है कि वे सीप्लेन संचालन के लिए उपयुक्त जल निकायों की पहचान करें।
पवन हंस के सीएमडी सुनील कुमार नागडावने ने कंपनी के विजन को साझा करते हुए कहा कि पवन हंस अब नवाचार और स्थिरता की ओर बढ़ रहा है। कंपनी इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (eVTOL) वाहनों और सीप्लेन के एकीकरण पर काम कर रही है। इस दिशा में अगस्त 2026 में नॉर्वेजियन कंपनी NOEMI एयरोस्पेस के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) भी किया गया है।
तकनीकी मोर्चे पर भी तेजी देखी जा रही है। डीजीसीए ने सितंबर 2024 में ही eVTOL के लिए एयरवर्थनेस सर्टिफिकेशन गाइडलाइन्स जारी कर दी थीं और अप्रैल 2026 में शहरी हवाई गतिशीलता के लिए एक राष्ट्रीय नीति का ड्राफ्ट भी साझा किया गया था। बिजनेस एयरक्राफ्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन के एमडी आर.के. बाली के अनुसार, eVTOL सेवाओं से जुड़े नियम अगले दो वर्षों के भीतर लागू होने की उम्मीद है।