NCR में प्रदूषण पर लगाम के लिए Pavan I3C सिस्टम लॉन्च, निर्माण कार्यों पर लगी रोक

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने Pavan I3C सिस्टम लॉन्च किया। नवंबर में निर्माण कार्यों पर रोक और वर्क फ्रॉम होम जैसे कड़े नियम लागू होंगे।

Kittu Kumari31 October 20262 min read0 viewsNCR
NCR में प्रदूषण पर लगाम के लिए Pavan I3C सिस्टम लॉन्च, निर्माण कार्यों पर लगी रोक

दिल्ली और आसपास के इलाकों में हर साल बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने Pavan I3C सिस्टम (Platform for Air Quality, Vigilance, and Analytics for NCR) का उद्घाटन किया है। यह एक हाई-टेक इंटीग्रेटेड कमांड और कंट्रोल सेंटर है, जिसका मकसद रियल-टाइम डेटा के जरिए प्रदूषण की निगरानी करना और उसे समय रहते नियंत्रित करना है।

इस आधुनिक सिस्टम की खासियत यह है कि यह 111 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों, ट्रैफिक जाम के डेटा और सैटेलाइट इमेजरी समेत 30 से ज्यादा डेटा स्ट्रीम्स को एक साथ जोड़कर काम करेगा। इससे अधिकारियों को यह सटीक जानकारी मिलेगी कि प्रदूषण कहां से बढ़ रहा है और उसे कैसे रोका जाए।

नवंबर में लागू होंगे कड़े नियम: निर्माण कार्य बंद और वर्क फ्रॉम होम

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प्रदूषण के गंभीर स्तर को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने कुछ सख्त पाबंदियां लगाई हैं। 5 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक पूरे NCR क्षेत्र में निर्माण और तोड़-फोड़ (Construction and Demolition) गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। केवल राष्ट्रीय सुरक्षा और जरूरी सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स को ही इससे छूट मिलेगी।

इसके अलावा, नवंबर के महीने में भीड़ कम करने और प्रदूषण घटाने के लिए सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% स्टाफ को ही बुलाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बाकी कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम कर सकें।

अन्य महत्वपूर्ण कदम:

  • 1 नवंबर से 31 जनवरी तक GRAP के कड़े नियम लागू रहेंगे, जिसके तहत गैर-BS-6 वाहनों का दिल्ली में प्रवेश वर्जित होगा।
  • 'नो PUCC, नो फ्यूल' नियम को सख्ती से लागू किया जाएगा।
  • पंजाब और हरियाणा में करीब 40% पराली का उपयोग अब औद्योगिक या व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जा रहा है।
  • CPCB ने उन औद्योगिक इकाइयों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं जिन्होंने प्रदूषण नियंत्रण उपकरण नहीं लगाए हैं।

प्रशासन ने NCR के 16 कॉरपोरेशन्स और 53 नगर पालिकाओं को स्थानीय स्तर पर एक्शन प्लान लागू करने को कहा है। निर्माण स्थलों पर कैमरों और सेंसर के जरिए निगरानी रखी जाएगी ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

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