परशुराम दल का बड़ा ऐलान: 15 नवंबर से आगरा से दिल्ली तक निकालेंगे पदयात्रा
यूजीसी ड्राफ्ट और आरक्षण नीतियों के विरोध में परशुराम दल 15 नवंबर से आगरा से दिल्ली तक पदयात्रा निकालेगा।

आरक्षण नीतियों और यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ अब सड़क पर उतरने की तैयारी है। परशुराम दल ने एक बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है, जिसके तहत 15 नवंबर 2026 को आगरा से दिल्ली तक एक विशाल पदयात्रा निकाली जाएगी। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गंगाधर शर्मा ने आधिकारिक बयान जारी कर इस पदयात्रा की जानकारी दी है। इस मार्च के जरिए संगठन अपनी मांगों को सरकार तक पहुँचाना चाहता है।
यह पूरा विवाद 2026 के यूजीसी (UGC) ड्राफ्ट नियमों, एससी/एसटी एक्ट और मौजूदा आरक्षण नीतियों को लेकर है। परशुराम दल का मानना है कि यूजीसी के ड्राफ्ट नियमों में कुछ समुदायों को 'प्राकृतिक उत्पीड़क' (natural oppressors) के रूप में पेश किया गया है, जो पूरी तरह गलत है। इसी मुद्दे पर संगठन 'सवर्ण' समाज को एकजुट कर रहा है ताकि नीतिगत बदलावों के लिए दबाव बनाया जा सके।
जंतर मंतर पर प्रदर्शन और कानूनी पेच
गौरतलब है कि साल 2026 के दौरान परशुराम दल और उनके सहयोगी संगठनों ने दिल्ली के जंतर मंतर पर कई बार प्रदर्शन किए हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इन ड्राफ्ट नियमों के कार्यान्वयन पर रोक लगाई थी, लेकिन सरकार की ओर से इन्हें स्थायी रूप से वापस लेने के संबंध में अब तक कोई औपचारिक हलफनामा दाखिल नहीं किया गया है।
संगठन की मांगों को लेकर जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह जैसे केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठकें भी हुई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। इसी वजह से अब संगठन ने पदयात्रा का रास्ता चुना है। हालांकि, दिल्ली प्रशासन अक्सर सुरक्षा कारणों और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत बिना अनुमति के होने वाले जमावड़े पर पाबंदी लगाता रहा है, जिससे इस मार्च के दौरान प्रशासन की सख्ती देखने को मिल सकती है।