संसद में भारी हंगामा: लोकसभा और राज्यसभा में नारेबाजी के बीच दो विधेयक ध्वनिमत से पारित

नई दिल्ली में मानसून सत्र के तीसरे सप्ताह की शुरुआत संसद के दोनों सदनों में हंगामेदार रही। विपक्ष ने लगातार नारेबाजी कर वेल में आकर सदन नहीं चलने दिया। विपक्षी सांसद लगातार नारे लगाते रहे कि प्रधानमंत्री सदन में आएं और बयान दें। विपक्षी दलों के सांसदों ने NEET के साथ-साथ सोमवार को राम मंदिर चंदा घोटाले का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। लोकसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी लेकिन इसी शोर-शराबे के बीच लोकसभा ने सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक 2026 भी पारित कर दिया। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में भारतीय संवैधानिक संस्थान विधेयक, 2026 तथा बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक, 2026 पेश किया। सदन में हंगामा नहीं थमने पर पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद टिनोटी ने कुछ मिनट बाद ही कार्यवाही दोपहर 2 बजे के लिए स्थगित कर दी।
राज्यसभा में कार्यवाही और पारित विधेयक
केंद्रीय MSME मंत्री जीतन राम मांझी को विधेयक पर चर्चा शुरू करने के लिए कहा गया। चर्चा आरंभ होते ही विपक्ष ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पहले बोलने की अनुमति देने की मांग की। लगातार हंगामे के बाद उन्हें बोलने का अवसर दिया गया। खरगे ने कहा कि क्या आसमान गिर जाएगा अगर उन्हें पांच मिनट सुन लेंगे, और राम जन्मभूमि से जुड़े मुद्दे का उल्लेख किया। इससे पहले कि वह अपनी बात पूरी कर पाते, सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मंत्री चर्चा शुरू कर चुके हैं और अब उसी पर आगे बढ़ना चाहिए। राज्यसभा में दोपहर बाद भी हंगामा जारी रहा और विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे व नारेबाजी के बीच सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विपक्षी दलों के सदस्यों ने दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई पर गृहमंत्री की सदन में मौजूदगी की मांग की। हालांकि, उपसभापति हरिवंश ने बार-बार सदस्यों से केवल विधेयक पर चर्चा करने का आग्रह किया।
विधेयक से जुड़े अन्य विवरण
यह विधेयक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006 में संशोधन करता है। इसके तहत यदि MSME आपूर्तिकर्ताओं के लिए यह फैसला चुनौती वाली याचिका 6 महीने से अधिक समय तक लंबित रहती है, तो संबंधित खरीददार को आदेश का कम से कम 50 प्रतिशत भुगतान करने का निर्देश दे सकेगी। सदन ने विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच ही ध्वनिमत से बिना चर्चा के विधेयक को पारित कर दिया। इसके बाद हंगामा नहीं थमने पर टिनोटी ने कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।