संसद में अगले सप्ताह परिसीमन, सीट बढ़ाने और विदेशी चंदे के विधेयकों पर होगी चर्चा

नयी दिल्ली में संसद के अगले सप्ताह शुरू होने वाले सत्र में निर्वाचन क्षेत्रों का नये सिरे से परिसीमन करने, विधानसभाओं और लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाने और विदेशी चंदे को विनियमित करने से संबंधित विधेयकों पर चर्चा हो सकती है।
* संसद में अगले सप्ताह परिसीमन, सीटें बढ़ाने और विदेशी चंदे से जुड़े विधेयकों पर चर्चा संभावित।
* परिसीमन विधेयक, 2026 और विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक विशेष सत्र में लोकसभा में पेश किए गए थे।
* सरकार जल्द से जल्द सीटें बढ़ाने और परिसीमन विधेयक पारित कराना चाहती है ताकि 2023 का नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू हो सके।
* मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अपने सांसदों को 10 से 12 अगस्त तक सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है।
* मानसून सत्र के केवल चार दिन शेष हैं और सत्र 13 अगस्त को समाप्त हो रहा है।
संसद में विधेयकों पर चर्चा और सीटों की संख्या बढ़ाने की तैयारी
नयी दिल्ली- संसद में अगले सप्ताह निर्वाचन क्षेत्रों का नये सिरे से परिसीमन करने, विधानसभाओं और लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाने और विदेशी चंदे को विनियमित करने से संबंधित विधेयकों पर चर्चा हो सकती है। परिसीमन विधेयक, 2026 और विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक संसद के बजट सत्र के बाद बुलाये गये विशेष सत्र में लोकसभा में पेश किये गये थे। वहीं, विधायिका में सीटें बढ़ाने के संबंध में संविधान का 131वां संशोधन करने वाला विधेयक दो-तिहाई बहुमत नहीं होने के कारण लोकसभा में गिर गया था और उसकी जगह पर अब सरकार नया विधेयक ला रही है। लोकसभा में गिर चुके संविधान संशोधन विधेयक में लोकसभा में सीटों की अधिकतम संख्या 550 से बढ़ाकर 815 करने का प्रस्ताव था। इसमें राज्यों का प्रतिनिधित्व 530 से बढ़ाकर 780 करने और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व 20 से बढ़ाकर 35 करने की बात थी। माना जा रहा है कि इस बार भी ऐसा ही नया विधेयक संसद में लाया जायेगा।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम और राजनीतिक दलों की स्थिति
सीटें बढ़ाने वाला विधेयक और परिसीमन विधेयक सरकार जल्द से जल्द पारित कराना चाह रही है ताकि संसद से वर्ष 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू किया जा सके। सरकार चाहती है कि महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा और विधानसभाओं में सीटों की संख्या बढ़ाने के बाद लागू हो ताकि महिलाओं को आरक्षण देने के लिए जरूरी सीटों की संख्या बढ़ी सीटों की संख्या के साथ समायोजित हो जाये। वहीं, विपक्ष का मुख्य विरोध पिछली बार इसी बात को लेकर था कि महिला आरक्षण को सीटों की संख्या में वृद्धि से न जोड़ा जाये और मौजूदा परिस्थितियों में तत्काल महिलाओं को आरक्षण प्रदान किया जा सके। सरकार की मंशा को देखते हुए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अपने सांसदों को 10 से 12 अगस्त तक के लिए सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है। व्हिप में लिखा गया है कि इन तीनों दिनों में महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा होनी है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी शनिवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और शिरोमणी अकाली दल के सोशल मीडिया पोस्टों का जवाब देते हुए उनसे महिला आरक्षण लागू करने से संबंधित विधेयकों का समर्थन करने की अपील की ताकि महिला सशक्तिकरण हो सके।
विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक और बहुमत की स्थिति
विदेशी चंदे से संबंधित विधेयक का उद्देश्य विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम में संशोधन करना है। विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों के कथन के अनुसार, कानून में बदलाव के बाद विदेशी चंदा लेने की पूर्वानुमति के बाद समय पर उसकी प्राप्ति और उसका उपयोग अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर पंजीकरण निलंबित कर दिया जायेगा और निलंबन के दौरान परिसंपत्ति के विनियमन का भी इसमें प्रावधान है। संशोधन विधेयक में एक नयी धारा जोड़ी गयी है जिसके तहत पंजीकरण की अवधि समाप्त होने या पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं होने पर प्रमाणपत्र रद्द करने का प्रावधान किया गया है। साथ ही सजा के प्रावधानों में भी बदलाव का प्रस्ताव है। अवैध तरीके से विदेशी चंदा लेने या लेने में मदद करने वालों की सजा की अवधि पांच साल से घटाकर एक साल की गयी है और जुर्माने का प्रावधान बनाये रखा गया है। विदेशी चंदा और परिसीमन से संबंधित विधेयक पारित कराने के लिए सरकार के पास पर्याप्त बहुमत है क्योंकि ये सामान्य बहुमत से पारित होने हैं। पेंच संविधान संशोधन विधेयक पर फंस रहा है। तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के कुछ सांसदों के टूटकर सत्ता पक्ष में आ जाने से संख्या बल में सरकार पिछले सत्र की तुलना में मजबूत स्थिति में है। मानसून सत्र के अब केवल चार दिन रह गये हैं और सत्र 13 अगस्त को समाप्त हो रहा है।