दिवाली तक दिल्ली में तैनात रहेंगे 20 हजार अर्धसैनिक जवान, सुरक्षा कड़ी

राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। खुफिया रिपोर्टों में संभावित विरोध प्रदर्शनों की आशंका जताए जाने के बाद, सरकार ने दिल्ली में तैनात 20,000 अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Personnel) की अवधि को दिवाली तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस की मदद के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 221 कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दी है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
सुरक्षा के प्रति यह सख्ती तब बढ़ गई जब 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शनों की अनुमति देने से इनकार कर दिया। प्रशासन ने अनधिकृत जमावड़े को रोकने के लिए धारा 144 लागू कर दी है। जॉइंट सीपीसी (नई दिल्ली रेंज) नूपुर प्रसाद के मुताबिक, पर्याप्त समय से नोटिस न मिलने और अन्य नियामक कारणों से अनुमति खारिज की गई थी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और पाबंदियां
शहर में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सुरक्षा बलों ने व्यापक इंतजाम किए हैं। इंडिया (INDIA) गठबंधन द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालने के प्रस्ताव के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए दिल्ली पुलिस ने 35 डिटेंशन सेंटर बनाए हैं और मुख्य आयोजकों को हिरासत में लिया गया है। साथ ही, 57 मेट्रो स्टेशनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाए गए हैं और शहर भर में 43,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें 500 महिला जवान भी शामिल हैं।
शहर की सुरक्षा के लिए चिल्ला, गाजीपुर और फरीदाबाद बॉर्डर सहित 37 प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और वाहनों की गहन जांच की जा रही है। एहतियात के तौर पर 9 और 10 अक्टूबर को शराब की दुकानों पर बिक्री पर भी अस्थायी रोक लगाई गई थी।
दूसरी ओर, चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने भी मांग की थी कि दिवाली तक सभी प्रदर्शनों पर रोक लगाई जाए, क्योंकि नागरिक अशांति से त्योहारी व्यापार पर बुरा असर पड़ता है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो सेवाओं में व्यवधान पर चिंता जताई है, लेकिन प्रशासन का तर्क है कि जन सुरक्षा के लिए ये कड़े कदम उठाना अनिवार्य है। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सुरक्षाकर्मियों पर किसी भी तरह का हमला या हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।