पैरा-एथलीट नीरज यादव ने दिल्ली में की आत्महत्या, मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास मिले मृत
दिल्ली में पैरा-एथलीट नीरज यादव संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। डोपिंग बैन और निजी तनाव के बीच यह दुखद घटना घटी।

देश के जाने-माने पैरा-एथलीट नीरज यादव ने दिल्ली में संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। नीरज यादव का शव मौजपुर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास उनकी कार के बगल में सड़क पर बेहोशी की हालत में पाया गया था। जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर से खेल जगत और उनके परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।
घटना की जानकारी मिलते ही जाफराबाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू की है। भारतीय पैरा-एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए इसे आत्महत्या बताया है। नीरज यादव की मौत के पीछे कई व्यक्तिगत और पेशेवर कारण माने जा रहे हैं।
करियर का संकट और मानसिक तनाव
नीरज यादव, जो F55 कैटेगरी में प्रतिस्पर्धा करते थे, पिछले कुछ समय से गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। बचपन में पोलियो की वजह से उन्हें लकवा मार गया था, लेकिन उन्होंने खेल में अपनी पहचान बनाई। हालांकि, अक्टूबर 2023 में एक बड़ा झटका लगा जब वे प्रतिबंधित पदार्थ 'स्टैनोजोलोल' के सेवन के कारण डोपिंग टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद उन पर चार साल का प्रतिबंध लगा दिया गया।
इस प्रतिबंध का असर यह हुआ कि उनसे 2023 के हांगझो एशियाई पैरा खेलों के दो स्वर्ण पदक छीन लिए गए और वे 2026 के एशियाई पैरा खेलों में भी हिस्सा नहीं ले सके। बताया जा रहा है कि इस बैन की वजह से सरकारी नौकरी और वित्तीय प्रोत्साहन के रास्ते बंद हो गए थे, जिससे वे काफी परेशान थे।
पुलिस जांच में एक महिला मित्र का बयान भी सामने आया है। उसने बताया कि 27 अक्टूबर को वह नीरज को यह बताने सोनीपत गई थी कि वह अब उनके साथ रिश्ता खत्म करना चाहती है। रात करीब 9 बजे उसने उन्हें मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास सड़क पर बेहोश पाया।
नीरज यादव ने 2018 के एशियाई पैरा खेलों में भाला फेंक (जैवलीन थ्रो) में स्वर्ण पदक जीता था। वे हरियाणा के सोनीपत में 'अंशीनीर स्पोर्ट्स एकेडमी' नाम की एक ऑनलाइन एकेडमी भी चलाते थे। नीरज अपने पीछे पत्नी और तीन साल की मासूम बेटी छोड़ गए हैं।