पैरा एथलीट नीरज यादव की संदिग्ध मौत, परिवार ने आत्महत्या से इनकार कर जांच की मांग की
एशियाई पैरा गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट नीरज यादव की संदिग्ध मौत। परिवार ने आत्महत्या की बात को नकारा और जांच की मांग की।

दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके मौजपुर में तीन बार के एशियाई पैरा गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट नीरज यादव की मौत से हड़कंप मच गया है। 42 वर्षीय नीरज यादव, जो F55 कैटेगरी के मशहूर थ्रोअर थे और सोनीपत में 'अंशनीर स्पोर्ट्स एकेडमी' चलाते थे, उन्हें 27 अक्टूबर को उनकी स्कॉर्पियो-एन गाड़ी के पास बेहोश पाया गया था। उन्हें तुरंत गुरु तेग बहादुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शुरुआती रिपोर्ट्स में इस घटना को आत्महत्या का रूप दिया गया, लेकिन नीरज के परिवार ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनके चाचा वीरेंद्र यादव ने पुलिस से औपचारिक रूप से मांग की है कि इस मामले की गहराई से जांच की जाए। परिवार का संदेह एक महिला मित्र की भूमिका पर है, जिसके साथ नीरज के संबंध थे।
महिला मित्र और डोपिंग विवाद का कनेक्शन
जानकारी के मुताबिक, नीरज की एक महिला मित्र है जो उन्हें दिसंबर 2025 से जानती थी। इसी महिला ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया था। उसने पुलिस को बताया कि वह 27 अक्टूबर को नीरज को रिश्ता खत्म करने की बात बताने सोनीपत गई थी, लेकिन बाद में उसे शक हुआ और वह मौजपुर मेट्रो स्टेशन पहुंची, जहां उसने नीरज को उनकी कार के पास पाया।
दूसरी तरफ, भारत के मुख्य पैरा एथलेटिक्स कोच एस. सत्यनारायण ने इस घटना को एक बड़ी क्षति बताया है। उन्होंने खुलासा किया कि नीरज पिछले कुछ समय से काफी मानसिक तनाव में थे। दरअसल, डोपिंग मामले में सस्पेंशन मिलने के कारण वे 2026 के एशियाई पैरा गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाए थे और उनके 2023 के गोल्ड मेडल भी वापस ले लिए गए थे।
जाफ्राबाद पुलिस स्टेशन को 28 अक्टूबर की रात 12:08 बजे इस घटना की सूचना मिली थी। फिलहाल दिल्ली पुलिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत कार्रवाई कर रही है। मौत की असली वजह का पता लगाने के लिए पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया जारी है, जिसके बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह आत्महत्या थी या कोई साजिश।