मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास मृत मिले पैरा एथलीट नीरज यादव, मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस
दिल्ली के मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास पैरा एथलीट नीरज यादव मृत पाए गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

देश के लिए एशियाई पैरा गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले दिग्गज पैरा-एथलीट नीरज यादव की दिल्ली में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। 42 वर्षीय नीरज का शव मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास सड़क किनारे उनकी गाड़ी के बगल में बेहोशी की हालत में मिला था। इस घटना ने खेल जगत और उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस अब इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके।
जानकारी के मुताबिक, नीरज यादव सोनीपत के रहने वाले थे और वहां 'अंशनीर स्पोर्ट्स एकेडमी' चलाते थे। 27 अक्टूबर की रात वह अपनी स्कोर्पियो-एन गाड़ी से एक महिला मित्र से मिलने दिल्ली आए थे। बताया जा रहा है कि उस महिला ने उनसे संपर्क खत्म करने की बात कही थी। रात करीब 9 बजे उस महिला ने नीरज को मौजपुर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास सड़क पर बेहोश पाया, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने जताया शक, डोपिंग बैन से थे तनाव में
नीरज यादव के परिवार ने उनकी मौत को सामान्य नहीं माना है। उनके चाचा वीरेंद्र और सुनील यादव ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और महिला मित्र की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आत्महत्या की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। दूसरी ओर, उनके कोच एस. सत्यनारायण ने बताया कि नीरज पिछले कुछ समय से काफी तनाव और डिप्रेशन में थे। दरअसल, 2023 में डोपिंग टेस्ट में प्रतिबंधित पदार्थ 'स्टैनोजोलोल' पाए जाने के कारण उनके मेडल रद्द कर दिए गए थे, साथ ही वह नौकरी और इनामी राशि को लेकर भी संघर्ष कर रहे थे।
जाफराबाद थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। एएसआई विशाल त्यागी और उनकी टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं और नीरज व उनकी महिला मित्र के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं, ताकि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाला जा सके। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। नीरज यादव ने जकार्ता और हांगझू एशियाई पैरा गेम्स में जेवलिन और डिस्कस थ्रो में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया था। वह सात साल की उम्र से पोलियो से प्रभावित थे, लेकिन अपनी हिम्मत से खेलों में बड़ी सफलताएं हासिल कीं। नीरज अपने पीछे पत्नी और तीन साल की बेटी छोड़ गए हैं।