एशियाई पैरा गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट नीरज यादव की संदिग्ध मौत, जांच में जुटी पुलिस
एशियाई पैरा गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट नीरज यादव ने कथित तौर पर आत्महत्या की है। डोपिंग विवाद और निजी तनाव उनकी मौत की वजह हो सकते हैं।

देश के खेल जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। तीन बार के एशियाई पैरा गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट नीरज यादव का 42 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 की रात को हुई इस घटना ने सबको चौंका दिया है। शुरुआती जांच में अधिकारियों को संदेह है कि नीरज यादव ने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या की है। बुधवार को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में उनका पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
भारतीय पैरा-एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने इस दुखद घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि वह नीरज के संपर्क में थे, लेकिन पिछले कुछ समय से खिलाड़ी काफी मानसिक दबाव में थे। नीरज यादव का करियर तब मुश्किलों में घिर गया था जब 2023 में नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) ने उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। उन पर प्रतिबंधित स्टेरॉयड 'स्टैनोजोलोल' के सेवन का आरोप लगा था।
करियर का पतन और निजी तनाव बने वजह?
डोपिंग विवाद का नीरज के जीवन पर गहरा असर पड़ा। इस वजह से 2023 के हांगझू एशियाई पैरा गेम्स में जीते उनके दो स्वर्ण पदक वापस ले लिए गए। इतना ही नहीं, उन्हें 2026 के आइची-नागोया एशियाई पैरा गेम्स से भी बाहर कर दिया गया। इस घटना ने न केवल उनके करियर को खत्म किया, बल्कि उनकी वित्तीय स्थिति और सरकारी नौकरी की संभावनाओं को भी पूरी तरह प्रभावित किया।
पुलिस अब इस मामले की जांच भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत कर रही है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, केवल करियर का तनाव ही नहीं, बल्कि निजी रिश्तों में खटास भी इसकी वजह हो सकती है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को हरियाणा के सोनीपत में नीरज से मिलने एक महिला मित्र आई थी, जिसने उनसे संपर्क तोड़ने की बात कही थी। पुलिस अब इसी पहलू और नीरज की मानसिक स्थिति पर अपनी जांच केंद्रित कर रही है।