ग्रेटर नोएडा: पंचशील हिनिश सोसाइटी में मल्टीपॉइंट बिजली कनेक्शन को लेकर NPCL और निवासियों में टकराव

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पंचशील हिनिश रेजिडेंशियल सोसाइटी इन दिनों बिजली कनेक्शन के विवाद को लेकर सुर्खियों में है। यहाँ नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (NPCL) द्वारा सिंगल-पॉइंट कनेक्शन को मल्टी-पॉइंट कनेक्शन में बदलने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसका निवासियों ने कड़ा विरोध किया है। इस खींचतान के बीच अब बिजली कटौती और कनेक्शन कटने तक की नौबत आ गई है।
दरअसल, यह पूरा विवाद उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) के नियमों से जुड़ा है। यूपी इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कोड 2005 के 13वें संशोधन के तहत अब रेजिडेंशियल सोसायटियों के लिए व्यक्तिगत मीटरिंग (इंडिविजुअल मीटरिंग) अनिवार्य कर दी गई है। NPCL का तर्क है कि बिजली वितरण में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए यह बदलाव जरूरी है।
नोटिस और चेतावनी का सिलसिला
बिजली कंपनी का दावा है कि उन्होंने इस संबंध में पंचशील हिनिश मैनेजमेंट को नवंबर 2020 और मार्च 2021 में औपचारिक नोटिस दिए थे। इसके बाद दिसंबर 2022 में एक डिमांड लेटर भी भेजा गया था, जिसमें स्पष्ट कहा गया था कि या तो कन्वर्जन के लिए आवेदन करें या फिर कम से कम 51% निवासियों की सहमति दिखाएं ताकि सिंगल-पॉइंट सिस्टम को बरकरार रखा जा सके। NPCL ने चेतावनी दी है कि अगर इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो बिजली सेवा पूरी तरह बंद की जा सकती है।
यह विवाद केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर निवासियों की दिनचर्या पर भी पड़ा है। मई 2024 में यहाँ के लोग रोजाना 6 से 8 घंटे की बिजली कटौती से परेशान थे। उस समय NPCL ने इसका जिम्मेदार सोसाइटी के खराब इंटरनल ट्रांसफार्मर को ठहराया था। कंपनी का आरोप था कि बिल्डर की मेंटेनेंस टीम ने चेतावनी के बावजूद जर्जर बुनियादी ढांचे का उपयोग जारी रखा।
हैरानी की बात यह है कि यह समस्या सिर्फ पंचशील हिनिश तक सीमित नहीं है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अन्य सोसायटियों में भी ऐसी ही स्थिति देखी गई है। उदाहरण के तौर पर, अक्टूबर 2026 में अजनारा होम्स में भी निवासियों ने प्रीपेड मीटरिंग और मेंटेनेंस शुल्क के एकीकरण को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। फिलहाल, पंचसीएल हिनिश के निवासी और NPCL के बीच यह गतिरोध बरकरार है।