ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पंचशील हिनिश सोसाइटी में NPCL मल्टीपॉइंट बिजली कनेक्शन को लेकर तकरार जारी

Kittu Kumari20 October 20262 min read0 viewsNCR
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पंचशील हिनिश सोसाइटी में NPCL मल्टीपॉइंट बिजली कनेक्शन को लेकर तकरार जारी

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पंचशील हिनिश हाउसिंग सोसाइटी में NPCL multipoint electricity connection को लेकर विवाद गहराया हुआ है। मामला सिंगल-पॉइंट बिलिंग से हटकर सीधे मल्टीपॉइंट कनेक्शन अपनाने को लेकर है, जिसे लेकर रेजिडेंट्स और मैनेजमेंट के बीच खींचतान चल रही है। दरअसल, अब तक बिजली का बिल बिल्डर या रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के जरिए आता था, लेकिन अब इसे सीधे नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (NPCL) के जरिए व्यक्तिगत मीटरिंग में बदलने की मांग और नियम हैं।

इस पूरे विवाद की जड़ उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) के नियम हैं। 2018 में जारी एक संशोधन के मुताबिक, सभी नई बहुमंजिला इमारतों के लिए मल्टीपॉइंट कनेक्शन अनिवार्य कर दिया गया था। पुरानी इमारतों को भी मार्च 2019 तक इस व्यवस्था में ढलने का समय दिया गया था। इसके बाद 2020 में एक आदेश आया कि अगर कोई सोसाइटी सिंगल-पॉइंट कनेक्शन रखना चाहती है, तो उसे कम से कम 51% निवासियों की सहमति लेनी होगी, वरना मल्टीपॉइंट सिस्टम अनिवार्य होगा।

बिल्डरों पर सख्ती और बुनियादी ढांचे की समस्या

दिसंबर 2022 में NPCL ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पंचशील हिनिश समेत कई सोसायटियों को नोटिस जारी किए थे। कंपनी ने साफ किया था कि या तो बिल्डर मल्टीपॉइंट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवेदन करें या फिर निवासियों की लिखित सहमति पेश करें, वरना बिजली काटने जैसी सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य फ्लैट मालिकों को स्लैब-आधारित टैरिफ का लाभ देना है, ताकि उन्हें बिल्डरों द्वारा लगाए जाने वाले अतिरिक्त शुल्कों और अपारदर्शी बिलिंग से छुटकारा मिल सके।

हालांकि, यह विवाद सिर्फ मीटरिंग तक सीमित नहीं रहा। मई और जून 2024 में सोसाइटी में भारी बिजली कटौती हुई, जिसके बाद निवासियों ने NPCL के खिलाफ प्रदर्शन किया। जवाब में NPCL ने कहा कि यह समस्या उनके कनेक्शन की नहीं, बल्कि बिल्डरों द्वारा लगाए गए खराब इंटरनल ट्रांसफार्मर और कमजोर बिजली ढांचे की है। कंपनी द्वारा किए गए निरीक्षण में यह पाया गया कि कई जगहों पर पैनल डिजाइन खराब था और उपकरण ओवरलोड थे, जिससे बार-बार पावर कट हो रहा था। फिलहाल, व्यक्तिगत मीटरिंग और बुनियादी ढांचे की मरम्मत को लेकर यह मुद्दा अब भी सुर्खियों में है।

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