बड़ी कार्रवाई: दिल्ली पुलिस ने नेपाल के रास्ते अवैध रूप से घुसे पाकिस्तानी नागरिक को पुरानी दिल्ली से किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 15 अगस्त 2026 को पुरानी दिल्ली से एक पाकिस्तानी नागरिक को राष्ट्रीय राजधानी में अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार किया है। 19 अगस्त 2026 को इस गिरफ्तारी की पुष्टि हुई और यह मामला व्यापक मीडिया का ध्यान आकर्षित कर चुका है। जांच में सामने आया कि यह व्यक्ति नेपाल के रास्ते भारत में अवैध रूप से दाखिल हुआ था और एक स्थानीय रेस्तरां में काम कर रहा था। क्राइम ब्रांच और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा लंबी पूछताछ के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी तरह की आतंकी संलिप्तता नहीं है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और डिपोर्टेशन प्रक्रिया
जांच के दौरान पता चला कि संदिग्ध की मां मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली थीं, जिन्होंने एक पाकिस्तानी नागरिक से शादी करने के बाद पाकिस्तान का रुख किया था और वहां की नागरिकता ले ली थी। पूछताछ पूरी होने के बाद, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने इस पाकिस्तानी नागरिक को Foreigners Regional Registration Office (FRRO) को सौंप दिया है। अब इस व्यक्ति को औपचारिक रूप से वापस पाकिस्तान डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
नए इमिग्रेशन नियम और कानूनी प्रावधान
यह घटना Immigration and Foreigners Act, 2025 के तहत 1 सितंबर 2025 से लागू नए इमिग्रेशन नियमों के बाद सामने आई है। इन नए नियमों के तहत सभी विदेशी नागरिकों के लिए इमिग्रेशन फॉर्म भरना अनिवार्य है और होटल तथा अस्पतालों जैसे संस्थानों को मेहमानों का कड़ा रिकॉर्ड रखना होता है। वर्तमान कानूनी ढांचे के अनुसार, भारत में अवैध प्रवेश पर पांच साल तक की जेल और 5,00,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, फर्जी यात्रा दस्तावेजों के इस्तेमाल पर दो से सात साल तक की सजा और 10,00,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
भारत-नेपाल बॉर्डर पर बढ़ाई गई कड़ी निगरानी
अधिकारियों ने हाल ही में भारत-नेपाल बॉर्डर क्रॉसिंग पर निगरानी बहुत कड़ी कर दी है। अब बॉर्डर पार करने के लिए पासपोर्ट या वोटर आईडी जैसे वैध पहचान पत्र अनिवार्य कर दिए गए हैं, और आधार कार्ड को बॉर्डर पार करने के लिए स्वीकार नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगाने और देश में रहने वाले विदेशी नागरिकों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उन्नत दस्तावेज और निगरानी बहुत जरूरी हैं।