‘अब बोलने का समय है’: P चिदंबरम ने राज्यों के CEOs से SIR प्रक्रिया का सच उजागर करने को कहा

Kittu Kumari3 October 20262 min read0 viewsNational
‘अब बोलने का समय है’: P चिदंबरम ने राज्यों के CEOs से SIR प्रक्रिया का सच उजागर करने को कहा

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने देश के सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) से अपील की है कि वे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभ्यास के दौरान उन्हें मिले निर्देशों को सार्वजनिक करें और स्पष्ट करें कि वास्तव में क्या हुआ था।

चिदंबरम ने हालिया घटनाक्रमों का हवाला देते हुए कहा कि कई राज्यों के अधिकारी अब न्यायिक जांच के डर से या अपनी अंतरात्मा की आवाज पर आगे आ रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि महाराष्ट्र और कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने अपनी बात रखी है, जबकि ओडिशा के सीईओ ने समय से पहले सेवानिवृत्ति (premature retirement) के लिए आवेदन कर दिया है।

SIR प्रक्रिया की वैधता पर सवाल

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पी चिदंबरम ने SIR प्रक्रिया को पूरी तरह से अवैध करार दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अधिकारियों ने इस प्रक्रिया की खामियों की ओर इशारा किया था? यदि उन्होंने ऐसा किया, तो क्या चुनाव आयोग या मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनकी आपत्तियों को दरकिनार कर दिया? चिदंबरम ने जोर देकर कहा, "इससे पहले कि हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट सभी राज्यों के सीईओ को तलब करें, उन्हें खुद सामने आकर बताना चाहिए कि उन्हें कब और कैसे निर्देश दिए गए और उन्होंने उनका पालन कैसे किया।"

यह विवाद तब गहरा गया जब एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने वोटर लिस्ट, पंजीकरण और तकनीकी प्रणालियों से जुड़े फैसलों पर करीब 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई थी। हालांकि, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि ड्राफ्ट चरणों के दौरान प्रशासनिक सुझाव और सवाल एक सामान्य प्रक्रिया है और SIR शेड्यूल से जुड़े सभी अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे।

दूसरी ओर, विपक्षी इंडिया (INDIA) गठबंधन अब इस मुद्दे पर देशव्यापी अभियान चलाने की तैयारी में है। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और वोटर लिस्ट के प्रबंधन के खिलाफ 6 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन और 1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी रैली आयोजित करने की योजना बनाई गई है।

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