ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं हुआ तो बढ़ेगा विरोध: पी चिदंबरम ने दी चेतावनी

चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर मचा राजनीतिक घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस विवाद के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला बोला है। चिदंबरम ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर ज्ञानेश कुमार ने अपना इस्तीफा नहीं दिया, तो उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन और भी उग्र हो जाएंगे।
एएनआई (ANI) से बात करते हुए पी चिदंबरम ने कहा कि वह नहीं जानते कि मुख्य चुनाव आयुक्त को कौन बचा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कभी उन्हें डिफेंड करती है और कभी कहती है कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। चिदंबरम के मुताबिक, कोई न कोई है जो उन्हें इस्तीफा न देने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, लेकिन अंततः उन्हें पद छोड़ना ही होगा।
सीईओ से सच बोलने की अपील और अन्य कमिश्नरों पर रुख
चिदंबरम ने इस मामले में राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) से भी अपील की है कि वे सामने आएं और खुलासा करें कि उन्हें SIR प्रक्रिया के संबंध में क्या निर्देश मिले थे। उन्होंने महाराष्ट्र, कर्नाटक और ओडिशा के सीईओ का उदाहरण देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि अन्य राज्यों के अधिकारी भी यह बताएं कि क्या उन्होंने इस प्रक्रिया को अवैध माना था और क्या उनके विरोध के बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपनी बात मनवाई।
वहीं, अन्य दो चुनाव आयुक्तों, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के बारे में बात करते हुए चिदंबरम ने कहा कि फिलहाल उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्होंने साफ किया कि अगर भविष्य में इन दोनों की भूमिका भी संदिग्ध या अवैध पाई जाती है, तो कांग्रेस उनके इस्तीफे की मांग भी करेगी।
बता दें कि यह पूरा विवाद उस रिपोर्ट के बाद गहराया है जिसमें दावा किया गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने SIR प्रक्रिया और वोटर लिस्ट से जुड़े फैसलों पर कई बार आपत्ति जताई थी। इस मुद्दे पर दिल्ली और मुंबई में भारी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। दिल्ली में हाल ही में हुए प्रदर्शनों के दौरान आप विधायक सौरभ भारद्वाज समेत 500 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था। इंडिया (INDIA) गठबंधन ने इस मुद्दे पर 6 अक्टूबर को और 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली करने की योजना बनाई है।