वोटर लिस्ट में गड़बड़ी: पी चिदंबरम ने कहा- सीईसी ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा अब अनिवार्य

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने चुनाव आयोग के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। नई दिल्ली में एक बयान जारी करते हुए चिदंबरम ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में हुई कथित अनियमितताओं के कारण अब सीईसी का इस्तीफा देना ही एकमात्र विकल्प बचा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए एक गंभीर खतरा बताया है।
चिदंबरम ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से करीब 13.3 करोड़ नागरिकों के नाम हटाना एक "गंभीर अवैधता" है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक ज्ञानेश कुमार अपने पद से नहीं हटते, तब तक इंडिया गठबंधन और नागरिक समाज समूहों के विरोध प्रदर्शन और तेज होंगे। कांग्रेस नेता ने यह भी संकेत दिया कि यदि अन्य दो चुनाव आयुक्तों की संलिप्तता के सबूत मिलते हैं, तो उनके इस्तीफे की मांग भी की जाएगी।
सुरक्षा और कानूनी लड़ाई
सीईसी को मिल रहे समर्थन पर तंज कसते हुए पी चिदंबरम ने कहा, "मुझे नहीं पता कि उन्हें कौन बचा रहा है, लेकिन साफ है कि कोई उन्हें इस्तीफा न देने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। हालांकि, अंततः उन्हें पद छोड़ना ही होगा।" उन्होंने राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भी चुनौती दी कि वे सामने आएं और बताएं कि क्या उन्हें इस प्रक्रिया के दौरान कोई गैर-कानूनी काम करने का निर्देश दिया गया था।
यह पूरा विवाद उस समय और गहरा गया जब कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने अपने 'ECINet' प्लेटफॉर्म की वैधता को गलत तरीके से पेश किया है। इस बीच, 2 अक्टूबर 2026 को मुंबई, दिल्ली और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए, जबकि लखनऊ में कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सभी अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे और प्रशासनिक सवाल पूछना एक मानक प्रक्रिया है। फिलहाल, इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त को निलंबित करने और पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की गई है।