रेस कोर्स मस्जिद को तोड़े जाने की खबर, ओवैसी ने मंत्री किरेन रिजिजू से मांगी मदद

नई दिल्ली की रेस कोर्स मस्जिद को गिराए जाने की खबरों ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। इस मामले में एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मोर्चा संभालते हुए केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। ओवैसी का कहना है कि इस संवेदनशील मामले में केंद्र सरकार की दखलअंदाजी जरूरी है ताकि मस्जिद को बचाया जा सके।
दरअसल, यह पूरा विवाद तब गहराया जब आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान ने दावा किया कि केंद्र सरकार के लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) द्वारा अगले हफ्ते इस मस्जिद को ध्वस्त किया जा सकता है। अमानतुल्ला खान ने बताया कि मस्जिद के इमाम मौलाना हारून ने उन्हें इस खतरे के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि यह मस्जिद आजादी से पहले की है और एनडीएमसी (NDMC) की हेरिटेज लिस्ट में भी शामिल है।
वक्फ बोर्ड की निष्क्रियता पर उठाए सवाल
असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए तीन मुख्य बिंदु रखे हैं। उन्होंने कहा कि यह मस्जिद 1977 से एक गजेटेड वक्फ संपत्ति है, इसके बावजूद वक्फ बोर्ड ने तोड़फोड़ के आदेश को चुनौती देने या मामले को सुलझाने की कोई कोशिश नहीं की। ओवैसी ने यह भी याद दिलाया कि वक्फ संशोधन अधिनियम के तहत भी ऐसी संपत्तियां सुरक्षित हैं, फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ओवैसी ने दिल्ली वक्फ बोर्ड की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2023 से दिल्ली वक्फ बोर्ड का गठन नहीं हुआ है, जिससे प्रशासनिक शून्यता बनी हुई है। हालांकि, बोर्ड के सीईओ इस मामले में हस्तक्षेप कर सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब ओवैसी का मानना है कि जब स्थानीय तंत्र काम नहीं कर रहा, तो मंत्री किरेन रिजिजू को आगे आकर इस समस्या का समाधान करना चाहिए।