IIT Delhi Convocation: ओवैसी ने पीएम मोदी से पहले छात्रों को झुकने के निर्देश देने की खबरों की निंदा की

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 8 अगस्त 2026 को उन रिपोर्टों की कड़ी निंदा की जिनमें आरोप लगाया गया है कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने 'झुकने' और वैदिक मंत्रोच्चार के दौरान खड़े रहने का निर्देश दिया गया था। ओवैसी ने दावा किया कि ये निर्देश सेक्युलरिज्म और साइंटिफिक टेम्पर्ड से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करते हैं। इस खबर से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए PM India पर देख सकते हैं।
संविधान के अनुच्छेदों का दिया हवाला
ओवैसी ने विशेष रूप से अनुच्छेद 28 का हवाला दिया, जो सरकारी शिक्षण संस्थानों में धार्मिक शिक्षा या प्रदर्शन पर रोक लगाता है, और अनुच्छेद 51A(h) का हवाला दिया, जो साइंटिफिक टेम्पर्ड के विकास को बढ़ावा देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो 8 अगस्त 2026 को दीक्षांत समारोह में Chief Guest के रूप में शामिल हुए थे, उन्होंने तेजी से बदलती दुनिया में कंटीन्यूअस लर्निंग के महत्व पर जोर दिया और कम महिला मेडल विजेताओं पर निराशा व्यक्त की। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने IIT Delhi's Sonipat campus पर AI-संचालित Param Pragya हाई-परफॉरमेंस सुपरकंप्यूटिंग फैसिलिटी का उद्घाटन भी किया।
छात्रों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक बयान
अपने संबोधन के दौरान, प्रधानमंत्री ने छात्रों से बात की। इस बीच, 'झुकने' या वैदिक मंत्रों के दौरान खड़े होने के निर्देशों के बारे में ओवैसी के विशिष्ट आरोपों पर IIT Delhi या Prime Minister's Office की ओर से कोई तत्काल official statements नहीं आए। इस विवाद के बावजूद, कुछ गोल्ड मेडल जीतने वाले छात्रों ने प्रधानमंत्री के भाषण पर पॉजिटिव फीडबैक दिया, जिसमें यह नोट किया गया कि ऐसा लगा जैसे कोई सीनियर हमसे बात कर रहा हो और उन्होंने हॉस्टल लाइफ के बारे में बात करके छात्रों से जुड़ाव महसूस कराया।