भारत में रूहबरू की एंट्री, दिसंबर में 4 शहरों में गूंजेगी 'ऑर्केस्ट्रल कव्वाली'

संगीत प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। प्रीमियम कल्चरल प्लेटफॉर्म 'रूहबरू' (Ruhbaru) इस दिसंबर में भारत में अपना पहला कदम रखने जा रहा है। इस खास मौके पर 'The Orchestral Qawwali Project' (OQP) का आयोजन किया जाएगा, जो पारंपरिक कव्वाली और आधुनिक ऑर्केस्ट्रा के अनोखे संगम को भारतीय दर्शकों के सामने पेश करेगा। इस प्रोजेक्ट के जरिए दुनिया भर में मशहूर कंपोजर रुशिल रंजन और सिंगर एबी साम्पा अपनी जादुई प्रस्तुति देंगे।
यह टूर कुल चार बड़े शहरों में आयोजित होगा। इसकी शुरुआत 5 दिसंबर, 2026 को दिल्ली के यशोभूमि से होगी। इसके बाद 6 दिसंबर को बेंगलुरु के टेराफॉर्म एरिना, 12 दिसंबर को हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी और अंत में 13 दिसंबर को मुंबई के जेडब्ल्यू मैरियट सहार में शानदार परफॉर्मेंस दी जाएगी।
लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल के बाद अब भारत की बारी
बता दें कि 'The Orchestral Qawwali Project' की शुरुआत साल 2020 में हुई थी और इसने अपनी अनूठी संगीत शैली से पूरी दुनिया में पहचान बनाई है। खासकर 700 साल पुरानी कव्वाली 'मन कुंतो मौला' का इनका वर्जन सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। साल 2024 में लंदन के प्रतिष्ठित रॉयल अल्बर्ट हॉल में इनके शो को हाउसफुल रिस्पॉन्स मिला, जिसके बाद रंजन और साम्पा को वहां का 'एसोसिएट आर्टिस्ट' भी नामित किया गया।
इस इवेंट को एबीपी नेटवर्क के लाइव एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म BAE (Before Anyone Else) द्वारा प्रोड्यूस किया गया है, जबकि क्रिएटिव प्रोडक्शन की जिम्मेदारी 'कल्चरल (मिस)फिट्स' संभाल रहे हैं। BAE के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर रजत उप्पल ने बताया कि उनका मकसद कव्वाली की रूह को एक बड़े सिम्फोनिक कैनवास पर उतारना है ताकि लोग एक सार्थक अनुभव ले सकें।
दिलचस्प बात यह है कि यह टूर पहले सितंबर में होने वाला था, लेकिन एक कलाकार की तबीयत खराब होने के कारण इसे दिसंबर में शिफ्ट किया गया ताकि दर्शकों को बेहतरीन क्वालिटी का शो मिल सके। रूहबरू का लक्ष्य केवल कव्वाली तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि आने वाले समय में यह प्लेटफॉर्म अलग-अलग भाषाओं और सीमाओं से परे संगीत परंपराओं को दुनिया के सामने लाएगा।