नूंह: ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर की टनल धंसने की घटना की जांच के लिए कमेटी गठित

नूंह जिले के तावड़ू क्षेत्र के सेहसोला गांव में निर्माणाधीन ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर टनल जांच को लेकर जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। टनल में मिट्टी धंसने की गंभीर घटना के बाद उपायुक्त अखिल पिलानी ने मामले की गहराई से पड़ताल करने के लिए अधिकारियों की एक विशेष समिति का गठन किया है। प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम को सात दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
इस पूरी जांच प्रक्रिया की कमान अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति को सौंपी गई है, जिनकी अध्यक्षता में यह समिति काम करेगी। समिति का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि आखिर टनल में मिट्टी क्यों धंसी और क्या इसके पीछे किसी की लापरवाही या कोई तकनीकी चूक थी। यदि निर्माण कार्य के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी।
तकनीकी खामियों और सुरक्षा इंतजामों की होगी समीक्षा
जांच समिति केवल मिट्टी धंसने के कारणों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह भी देखेगी कि मौके पर सुरक्षा के क्या इंतजाम थे। समिति के सदस्यों में तावड़ू के एसडीएम, डीएसपी, नायब तहसीलदार, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी और पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता शामिल हैं। साथ ही, हरियाणा रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HRIDC) के उप महाप्रबंधक पंकज सोनी को भी सदस्य बनाया गया है ताकि तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच हो सके।
समिति की कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया है कि टीम घटनास्थल का दौरा करेगी, संबंधित लोगों के बयान दर्ज करेगी और जरूरी दस्तावेजों की जांच करेगी। इसके अलावा, भूगर्भीय और संरचनात्मक कारणों की पड़ताल के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद भी ली जाएगी।
जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि इस हादसे की वजह से सार्वजनिक या निजी संपत्तियों को कितना नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट में न केवल नुकसान का आकलन होगा, बल्कि मुआवजे से जुड़े सुझाव और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी सुधारात्मक कदमों की सिफारिश भी की जाएगी।