'वोट बचाओ, देश बचाओ': रामलीला मैदान में उमड़ा जनसैलाब, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की उठी मांग
इंडिया गठबंधन ने 'चलो दिल्ली' मार्च के जरिए रामलीला मैदान में हजारों लोगों को जुटाया और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।

देश की राजधानी दिल्ली में रविवार को उस समय भारी राजनीतिक तनाव देखा गया, जब विपक्षी 'INDIA' गठबंधन के 'चलो दिल्ली' आह्वान पर उत्तर भारत के हजारों लोग रामलीला मैदान में इकट्ठा हुए। "वोट चोर, गद्दी छोड़" के नारों के साथ प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की जोरदार मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताएं बरती जा रही हैं और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के साथ-साथ EVM का उपयोग लोकतंत्र के लिए खतरा है।
इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों से लोग पहुंचे। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने उन्हें रोकने की पूरी कोशिश की। पंजाब से आए बलजिंदर सिंह ने दावा किया कि हरियाणा सीमा पर पुलिस ने जानबूझकर रास्तों को ब्लॉक किया, जिससे हजारों वाहन रात भर फंसे रहे। उन्होंने कहा कि भाजपा राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन की ताकत से डरी हुई है, इसलिए लोगों को रोकने का प्रयास किया गया।
EVM के खिलाफ आक्रोश और बैलेट पेपर की मांग
रामलीला मैदान में जुटे प्रदर्शनकारियों ने ईवीएम (EVM) के जरिए होने वाली वोटिंग का कड़ा विरोध किया और पारदर्शिता के लिए दोबारा बैलेट पेपर लागू करने की मांग की। राजस्थान से आए पन्ना लाल शर्मा ने कहा कि वे 'वोट चोरी' को रोकने के लिए यहां पहुंचे हैं। वहीं, उत्तराखंड कांग्रेस सचिव मदनपाल सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के नेतृत्व में लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा नहीं हो पा रही है और लोकतंत्र को नष्ट किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक CEC इस्तीफा नहीं देते, यह आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन केवल चुनाव तक सीमित नहीं था। हिमाचल प्रदेश से आए प्रदर्शनकारियों ने युवाओं के मुद्दों, पेपर लीक और नागरिक अधिकारों के हनन का मुद्दा भी उठाया। गुलाब सिंह नामक प्रदर्शनकारी ने छात्रों के साथ हो रहे अन्याय और परीक्षाओं के पेपर लीक होने पर चिंता जताई। वहीं गौरव शर्मा ने कहा कि यदि वोट सुरक्षित नहीं हैं, तो देश का भविष्य कैसे सुरक्षित होगा। प्रदर्शनकारियों ने रविवार सुबह हिमाचल भवन के बाहर जमा होकर वहां से रामलीला मैदान की ओर मार्च किया।