वोट चोरी के आरोपों पर राष्ट्रपति से मिले विपक्षी नेता, अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगे

देश की राजनीति में एक बड़ा उबाल देखने को मिल रहा है। 'वोट चोरी' के गंभीर आरोपों को लेकर INDIA गठबंधन के 10 दिग्गज नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, डीके शिवकुमार, सुप्रिया सुले और उमर अब्दुल्ला जैसे बड़े नेताओं ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। यह मुलाकात रात 8 बजे हुई, जिससे पहले विपक्षी सांसदों ने संसद से राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाला था, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें विजय चौक पर ही रोक दिया।
चुनाव आयोग पर सवाल और ईवीएम का विरोध
विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति के सामने अपनी मांगों का पुलिंदा रखा। उन्होंने मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) में गड़बड़ियों का दावा किया और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की। इतना ही नहीं, गठबंधन ने ईवीएम (EVM) को पूरी तरह बंद कर दोबारा पेपर बैलेट से वोटिंग शुरू करने की अपील की है।
मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू ने वोट चोरी के आरोपों से इनकार नहीं किया, बल्कि इन दावों के समर्थन में सबूत मांगे हैं। गांधी ने इस पूरे कथित खेल के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मास्टरमाइंड बताया और अमित शाह व ज्ञानेश कुमार को इसका कार्यान्वयन करने वाला कहा। उन्होंने साफ किया कि सिर्फ चुनाव आयुक्त का हटना काफी नहीं होगा, बल्कि मौजूदा सरकार का जाना जरूरी है।
वहीं, ममता बनर्जी ने इस मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की मांग की। दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने विरोध प्रदर्शन के दौरान लगाई गई सुरक्षा पाबंदियों को लोकतंत्र का अपमान बताया। इस हंगामे के बीच दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, जिसके चलते इलाके में इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहीं और कुछ मेट्रो स्टेशनों व ट्रेनों के संचालन में भी बाधा आई।
विपक्षी नेताओं ने संसद के सेंट्रल हॉल में रणनीति बनाने के बाद यह कदम उठाया है। राहुल गांधी ने ऐलान किया है कि यह वही प्रतिनिधिमंडल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाएगा और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को औपचारिक ज्ञापन सौंपेगा।