चावड़ी बाजार के 'ओमी कचोरी वाले' सहेज रहे 83 साल पुरानी विरासत, सिर्फ रविवार को लगता है स्वाद का मेला

दिल्ली का पुराना बाजार और वहां का स्ट्रीट फूड, दोनों ही अपनी एक अलग पहचान रखते हैं। इसी परंपरा की एक जीती-जागती मिसाल हैं चावड़ी बाजार स्थित ओमी कचोरी वाले। करीब 83 सालों से यह दुकान दिल्ली के लोगों को अपने स्वाद के जादू में बांधे हुए है। राजेश भार्गवा और मनीष भार्गवा नाम के दो भाई इस पुश्तैनी जायके को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसकी शुरुआत करीब 1939 में हुई थी और 1950 से इसे एक औपचारिक व्यावसायिक रूप दिया गया था।
अगर आप भी इस स्वाद का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो आपको थोड़ा धैर्य रखना होगा। यह दुकान केवल रविवार को सुबह 8:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक ही खुलती है। इसके पीछे की वजह यह है कि रविवार को बाजार का व्यावसायिक ट्रैफिक बंद रहता है, जिससे ग्राहकों की भारी भीड़ को संभालना आसान हो जाता है।
दाल और आलू कचोरी का बेमिसाल संगम
ओमी कचोरी वाले की खासियत उनकी दो तरह की कचोरियां हैं, जो स्वाद और बनावट में एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। यहाँ ग्राहकों को दो मुख्य विकल्प मिलते हैं:
- दाल कचोरी: जिसे डबल-फ्राई किया जाता है, जिससे यह बेहद कुरकुरी और स्वादिष्ट होती है।
- आलू कचोरी: इसे सिंगल-फ्राई किया जाता है और इसमें मसालों का बेहतरीन मिश्रण भरा होता है।
इन दोनों ही कचोरियों को एक चटपटी और मसालेदार सब्जी के साथ परोसा जाता है, जो इसके स्वाद को दोगुना कर देती है। चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास 'गली स्टैंडर्ड वाली' में स्थित यह दुकान आज भी अपने पारंपरिक तरीके से ही कचोरियां तैयार करती है। यह दुकान न केवल स्वाद का केंद्र है, बल्कि दिल्ली की समृद्ध स्ट्रीट फूड संस्कृति और पारिवारिक विरासत का एक प्रमाण भी है।