शाहजहांशाहबाद का होगा कायापलट: पुरानी दिल्ली में फिर से ट्राम चलाने की तैयारी, PWD को मिला सड़कों का जिम्मा

दिल्ली सरकार ने पुरानी दिल्ली (Shahjahanabad) के विकास और ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार शाहजहांबाद में फिर से ट्राम सिस्टम (tram system) शुरू करने पर विचार कर रही है, जिससे वहां आने-जाने वाले लोगों को आसानी हो और प्रदूषण भी कम हो।
* पुरानी दिल्ली के विकास के लिए शाहजहांबाद पुनर्विकास निगम (SRDC) की बैठक में कई बड़े फैसले हुए।
* SRDC क्षेत्र की सभी सड़कों को अब पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) को सौंपा जाएगा।
* ट्राम चलाने की संभावना तलाशने और सड़कों के काम को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी PWD को दी गई है।
* SRDC का नाम बदलकर अब 'इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम' (IVPN) कर दिया गया है।
पुरानी दिल्ली में ट्राम और PWD को सड़कों का कंट्रोल
15 जुलाई को हुई SRDC की हाई-लेवल बैठक में यह चर्चा हुई कि शाहजहांबाद इलाके में सतत शहरी गतिशीलता (sustainable urban mobility) को बढ़ावा दिया जाए। इसी उद्देश्य के साथ पुरानी दिल्ली में ऐतिहासिक माहौल के बीच ट्राम चलाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि हेरिटेज संस्कृति भी सुरक्षित रहेगी।
इसके अलावा बैठक में यह प्रस्ताव भी रखा गया कि SRDC क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी सड़कों का कंट्रोल PWD को ट्रांसफर किया जाए। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करना और सभी कामों में एकरूपता लाना है। PWD को निर्देश दिए गए हैं कि वह सभी प्रोजेक्ट प्लान को एक साथ जोड़े, एक एकीकृत पुनर्विकास रणनीति (integrated redevelopment strategy) तैयार करे और कम समय में पूरे होने वाले कामों को प्राथमिकता दे ताकि काम में कोई रुकावट न आए।
कंसल्टेंट्स को रिपोर्ट जमा करने के निर्देश
सरकार ने सभी प्रोजेक्ट कंसल्टेंट्स को अपने वर्क प्लान और प्रोजेक्ट की लागत (cost estimates) के साथ संशोधित प्रस्तुतियां जमा करने को कहा है। इन सभी कामों की प्रगति देखने के लिए अगले महीने एक फॉलो-अप रिव्यू मीटिंग भी तय की गई है।
हाल ही में 'शाहजहांबाद पुनर्विकास निगम' (SRDC) का नाम बदलकर 'इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम' (IVPN) कर दिया गया है, जो इन सभी विकास कार्यों की देखरेख करेगा। चांदनी चौक सर्व व्यापार मंडल के संजय भार्गव जैसे स्थानीय स्टेकहोल्डर्स ने इन प्रस्तावों पर खुशी जताई है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही जमीन पर काम शुरू होगा।