ओखला वोटर लिस्ट ऑडिट में बड़ा खुलासा: 100 वैध वोटरों के नाम गलत तरीके से हटाए गए

दिल्ली के ओखला विधानसभा क्षेत्र में वोटर लिस्ट की शुद्धता को लेकर किए गए एक पब्लिक ऑडिट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस ऑडिट में पाया गया कि कम से कम 100 ऐसे पुराने निवासी हैं, जिन्हें गलत तरीके से 'अनुपस्थित', 'शिफ्टेड', 'मृत' या 'डुप्लिकेट' वोटर की श्रेणी में डालकर लिस्ट से बाहर कर दिया गया। यह ऑडिट जन सरोकार, मजदूर किसान शक्ति संगठन, वोटर अधिकार मंच और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन विमेन जैसे समूहों के स्वयंसेवकों द्वारा 9 से 16 अक्टूबर 2026 के बीच किया गया था।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान टीम ने बाटला हाउस इलाके के दो पोलिंग बूथों के करीब 258 घरों का दौरा किया। रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 307 घरों के लगभग 1,579 वोटरों की जांच की गई। जब उन 1,009 लोगों की जांच की गई जिन्हें 'एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड या डुप्लिकेट' (ASDD) लिस्ट में डाला गया था, तो उनमें से 100 लोग अपने रजिस्टर्ड पते पर ही मिले। वहीं, नोटिस लिस्ट में शामिल 570 वोटरों में से 12 प्रतिशत ने दावा किया कि उन्हें कोई आधिकारिक नोटिस मिला ही नहीं।
प्रशासनिक लापरवाही की बानगी: 50 साल से एक ही घर में रहने वाले को बताया 'लापता'
इस मामले की गंभीरता तब सामने आई जब 18 अक्टूबर को जामिया नगर के एक बारात घर में जनसुनवाई हुई। यहां 150 से ज्यादा वोटरों ने अपनी आपबीती सुनाई। हैरानी की बात यह रही कि जिला मजिस्ट्रेट और चुनाव आयोग के अधिकारियों को आमंत्रित किए जाने के बावजूद कोई भी प्रतिनिधि वहां नहीं पहुंचा।
सुनवाई के दौरान कई हैरान करने वाले मामले सामने आए। जामिया मिलिया इस्लामिया के एक 74 वर्षीय रिटायर्ड प्रोफेसर, जो पिछले 50 सालों से एक ही पते पर रह रहे हैं, उन्हें 'अनट्रेसबल' (लापता) मार्क कर दिया गया। उनकी पत्नी को 'परमानेंटली शिफ्टेड' बता दिया गया, जबकि उनके बेटे ने सभी जरूरी फॉर्म जमा कर दिए थे। एक अन्य निवासी नईमुद्दीन ने बताया कि जुलाई में वोटर कैंप में जानकारी देने के बावजूद उन्हें और उनकी पत्नी को शिफ्टेड दिखा दिया गया। वहीं, अनीता नाम की महिला ने बताया कि उनके पति को एक आईडी नंबर पर 'मृत' घोषित किया गया, जबकि दूसरे नंबर से उनका नाम ड्राफ्ट रोल में मौजूद था।
दिल्ली की वोटर लिस्ट रिवीजन प्रक्रिया 30 जून 2026 को शुरू हुई थी। ओखला क्षेत्र में ड्राफ्ट रोल में नामों को हटाने की दर दिल्ली में दूसरी सबसे अधिक है। यहाँ ड्राफ्ट लिस्ट में 1.85 लाख नाम थे, जिनमें से 67,000 से ज्यादा लोगों को नोटिस लिस्ट में डाला गया था।
चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) 30 अक्टूबर 2026 तक नामों के पुन: सत्यापन का काम कर रहे हैं। जिन वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं या जिन्हें नोटिस मिला है, उन्हें लिस्ट में बने रहने के लिए अपना दावा या फॉर्म-6 जमा करना होगा।