बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली-NCR में ऑफिस लीजिंग 13.6% गिरी, लेकिन किराए में आई बढ़ोतरी
नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के अनुसार बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली-NCR में ऑफिस लीजिंग 13.6% गिरी, लेकिन किराए में 7.5% की बढ़ोतरी देखी गई।

देश के प्रमुख शहरों में ऑफिस स्पेस की मांग में कमी देखी गई है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि मांग घटने के बावजूद किराए की दरों में उछाल आया है। रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म नाइट फ्रैंक की 'एशिया-पैसिफिक रिसर्च, ऑफिस मार्केट्स - Q3 2026' रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 की जुलाई से सितंबर तिमाही के दौरान बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली-NCR में ऑफिस लीजिंग में सालाना आधार पर 13.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, इन तीनों शहरों में इस तिमाही के दौरान कुल लीजिंग 7.6 मिलियन वर्ग फुट रही। हालांकि लीजिंग की गतिविधियों में कमी आई है, लेकिन प्राइम ऑफिस स्पेस के लिए डिमांड अब भी मजबूत बनी हुई है। इस मांग के पीछे ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटर्स और घरेलू कंपनियों का बड़ा हाथ है। नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और एमडी शिशिर बैजाल ने कहा कि प्रमुख ऑफिस मार्केट्स में किराए की बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि कंपनियां अब क्वालिटी और लोकेशन को ज्यादा प्राथमिकता दे रही हैं।
किराये की दौड़ में बेंगलुरु सबसे आगे, दिल्ली-NCR सातवें नंबर पर
अगर किराए की वृद्धि दर की बात करें, तो बेंगलुरु 11.5 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी के साथ सबसे आगे रहा। एशिया-पैसिफिक के 24 ऑफिस मार्केट्स में बेंगलुरु चौथे स्थान पर है और इसकी ग्रोथ दर टोक्यो के बराबर रही। वहीं, दिल्ली-NCR में किराए में 5.4 प्रतिशत और मुंबई में 4 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।
रिपोर्ट में ऑफिस स्पेस की लागत को लेकर भी चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। सालाना लागत के मामले में दिल्ली-NCR एशिया-पैसिफिक का सातवां सबसे महंगा प्राइम ऑफिस मार्केट बनकर उभरा है, जहां प्रति वर्ग फुट लागत 73.11 अमेरिकी डॉलर रही। इसके बाद मुंबई 68.39 डॉलर के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि बेंगलुरु 37.16 डॉलर के साथ तुलनात्मक रूप से काफी किफायती रहा।
शहरों के लीजिंग ट्रेंड्स पर नजर डालें तो मुंबई में साल-दर-साल लीजिंग ट्रांजैक्शन में 33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2026 के पहले नौ महीनों में ही मुंबई ने 2025 के पूरे साल के कुल वॉल्यूम को पीछे छोड़ दिया है। दूसरी ओर, बेंगलुरु में साल की पहली छमाही में जबरदस्त तेजी के बाद अब लीजिंग गतिविधियों में थोड़ी कमी आई है, फिर भी वहां की कुल डिमांड का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा GCCs का ही है।
नाइट फ्रैंक का अनुमान है कि आने वाले समय में बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली-NCR में लीजिंग एक्टिविटी 2025 के रिकॉर्ड स्तरों के आसपास बनी रहेगी। कंपनी का मानना है कि प्राइम ऑफिस स्पेस का अधिक किराया वसूलने की क्षमता बाजार की गहराई और व्यवसायों की बदलती प्राथमिकताओं का एक बड़ा संकेत है।