नूंह: दिवाली हुनर मेले में छात्रों ने बिखेरा कला का जादू, ACUT अमितेज पांगती ने की सराहना

नूंह के छपेड़ा स्कूल में दिवाली हुनर मेले का आयोजन किया गया, जहां छात्रों ने हस्तशिल्प और इको-फ्रेंडली उत्पादों से अपनी रचनात्मकता दिखाई।

Kittu Kumari3 November 20262 min read0 viewsNCR
नूंह: दिवाली हुनर मेले में छात्रों ने बिखेरा कला का जादू, ACUT अमितेज पांगती ने की सराहना

हरियाणा के नूंह स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, छपेड़ा में मंगलवार को दिवाली के उपलक्ष्य में 'हुनर मेले' का शानदार आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्रों ने अपनी रचनात्मकता और कलात्मक कौशल का ऐसा प्रदर्शन किया कि वहां मौजूद हर कोई दंग रह गया। मेले में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे एसीयूटी अमितेज पांगती ने विद्यार्थियों के हुनर को करीब से देखा और उनकी मेहनत की जमकर तारीफ की।

मेले के दौरान स्कूल परिसर में तरह-तरह के स्टॉल लगाए गए थे। विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत से तैयार किए गए हस्तशिल्प उत्पाद, मिट्टी के खूबसूरत दीये, पर्यावरण के अनुकूल सजावटी सामान, रंगोली के आकर्षक डिजाइन और घर की सजावट की सामग्री की प्रदर्शनी लगाई। मुख्य अतिथि अमितेज पांगती ने जब इन स्टॉलों का अवलोकन किया, तो उन्होंने पाया कि बच्चे न केवल कला में निपुण हैं, बल्कि वे पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक हैं।

किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल पर जोर

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विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए अमितेज पांगती ने कहा कि शिक्षा का असली मकसद केवल किताबों को पढ़ना नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को बाहर निकालना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों में नवाचार (innovation) और व्यावहारिक कौशल विकसित होता है, जो उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद करता है।

सिर्फ प्रदर्शनी ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी मेले में चार चांद लगा दिए। विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत, लोकनृत्य, कविताओं और लघु नाटकों के जरिए अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसने अतिथियों और अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय की प्राचार्या प्रोमिला कुमारी ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और मेले के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्कूल में विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इतना ही नहीं, हर शनिवार को भी बच्चों के लिए विशेष सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियां करवाई जाती हैं ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके।

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