नूंह जिला जेल में रविवार, 20 सितंबर 2026 को कुल 145 कैदियों ने तीसरी कक्षा की परीक्षा दी। इस परीक्षा में 142 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल थीं। यह परीक्षा उल्लास (Understanding Lifelong Learning for All in Society) कार्यक्रम के तहत आयोजित की गई थी। इस पहल को नव भारत साक्षरता कार्यक्रम या न्यू इंडिया लिटरेचर प्रोग्राम के नाम से भी जाना जाता है।
शिक्षा मंत्रालय द्वारा 2022 में शुरू की गई उल्लास योजना एक केंद्र प्रायोजित योजना है। यह पहल उन 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों को शैक्षिक और आजीवन सीखने के अवसर प्रदान करती है, जिन्हें औपचारिक स्कूली शिक्षा नहीं मिली है।
यह कार्यक्रम https://ullas.education.gov.in/nilp के अनुसार संचालित होता है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है और मूलभूत साक्षरता, संख्यात्मकता तथा डिजिटल और वित्तीय साक्षरता सहित आवश्यक जीवन कौशल पर ध्यान केंद्रित करती है।
यह कार्यक्रम वर्ष 2027 तक चलने के लिए निर्धारित है https://ncert.nic.in/cncl/ullas.php। नूंह जिला जेल की अधीक्षक विमला देवी ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य कैदियों को औपचारिक शिक्षा से जोड़कर समाज में एकीकृत करना है। इस मूल्यांकन का समन्वय स्थानीय शिक्षा विभाग ने जेल प्रशासन के सहयोग से किया, जबकि राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) ने परीक्षा प्रक्रिया को सुगम बनाया।
सफल समापन पर, प्रतिभागी भारत सरकार से आधिकारिक प्रमाण पत्र प्राप्त करने के पात्र हैं https://education.nagaland.gov.in/ullas-understanding-lifelong-learning-for-all-in-society/।