नूंह: पुराने नोट और सिक्कों के नाम पर ठगी करने वाले दो जालसाज गिरफ्तार
नूंह साइबर क्राइम पुलिस ने पुराने नोटों और सिक्कों की खरीद-बिक्री के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

हरियाणा के नूंह जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। नूंह साइबर क्राइम पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो ऐसे आरोपियों को दबोचा है, जो फर्जी सिम कार्ड और बैंक खातों के जरिए आम लोगों को अपना शिकार बना रहे थे। इनमें से एक आरोपी पुराने करेंसी नोटों और सिक्कों की खरीद-बिक्री का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी कर रहा था।
पहली कार्रवाई में फिरोजपुर झिरका की टीम ने बड़कली चौक के पास से सोयब नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सोयब अपनी असली पहचान छिपाकर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट्स के जरिए लोगों को पुराने नोट और सिक्के बेचने का लालच देता था और उनसे ठगी करता था। जब पुलिस ने छापेमारी की, तो उसके पास से एक आईफोन और एक नीला मोबाइल फोन बरामद हुआ। इन फोन में राज ग्यानी और विक्रम राठौड़ जैसे फर्जी नामों से व्हाट्सएप बिजनेस अकाउंट्स चल रहे थे। जांच में पता चला कि उसके पास मौजूद सिम कार्ड राजस्थान और स्थानीय निवासी के नाम पर पंजीकृत थे, जिनके बारे में वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।
बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम निकालता था दूसरा आरोपी
वहीं दूसरी कार्रवाई में पुन्हाना की टीम ने होडल-पुन्हाना रोड से सलमान निवासी बीसरू को गिरफ्तार किया। सलमान का काम साइबर ठगों को फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराना और अपने बैंक खाते का इस्तेमाल कर ठगी की रकम मंगवाना था। वह कमीशन के बदले इन पैसों को नकदी में बदलकर ठगों को सौंपता था। पुलिस ने उसकी तलाशी के दौरान मोबाइल कवर में छिपाकर रखा गया एक फर्जी एक्टिवेटेड सिम कार्ड बरामद किया।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी सलमान के कोटक महिंद्रा बैंक खाते के जरिए हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे राज्यों से कुल आठ साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज थीं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, फर्जी सिम और अन्य तकनीकी सबूत जब्त कर लिए हैं और मामले की आगे की जांच की जा रही है।