नूंह में सड़क हादसे के पीड़ितों को आधुनिक इलाज न मिलने से हो रही है भारी परेशानी

नूंह जिला में सड़क हादसे के पीड़ितों के इलाज को लेकर एक बड़ा मेडिकल संकट सामने आया है। मंडीखेड़ा के जिला सिविल अस्पताल और नल्हड़ मेडिकल कॉलेज दोनों में ही आधुनिक ट्रॉमा केयर के लिए जरूरी संसाधन नहीं हैं। इसके कारण गंभीर रूप से घायल मरीजों को अक्सर दूसरे बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। यह प्रक्रिया बहुत कीमती समय लेती है और सीधे तौर पर मरीजों की जान बचाने की संभावना को प्रभावित करती है।
- वर्ष 2020 से 2025 के सरकारी आंकड़े
- कुल 2,783 सड़क हादसे दर्ज
- 1,204 लोगों की मौत और 2,441 लोग घायल
- हर साल औसतन 200 से ज्यादा लोगों की जान गई