नूंह में सड़क हादसे के पीड़ितों को आधुनिक इलाज न मिलने से हो रही है भारी परेशानी

Kittu Kumari20 September 20261 min read3 viewsNCR
नूंह में सड़क हादसे के पीड़ितों को आधुनिक इलाज न मिलने से हो रही है भारी परेशानी

नूंह जिला में सड़क हादसे के पीड़ितों के इलाज को लेकर एक बड़ा मेडिकल संकट सामने आया है। मंडीखेड़ा के जिला सिविल अस्पताल और नल्हड़ मेडिकल कॉलेज दोनों में ही आधुनिक ट्रॉमा केयर के लिए जरूरी संसाधन नहीं हैं। इसके कारण गंभीर रूप से घायल मरीजों को अक्सर दूसरे बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। यह प्रक्रिया बहुत कीमती समय लेती है और सीधे तौर पर मरीजों की जान बचाने की संभावना को प्रभावित करती है।

  • वर्ष 2020 से 2025 के सरकारी आंकड़े
  • कुल 2,783 सड़क हादसे दर्ज
  • 1,204 लोगों की मौत और 2,441 लोग घायल
  • हर साल औसतन 200 से ज्यादा लोगों की जान गई

नूंह में सड़क हादसों के आंकड़े

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 से 2025 के बीच के छह सालों में नूंह जिले में कुल 2,783 सड़क हादसे हुए। इन हादसों में 1,204 लोगों की मौत हुई और 2,441 लोग घायल हुए। इन आंकड़ों से पता चलता है कि जिले में हर साल सड़क हादसों में 200 से ज्यादा लोगों की जान जाती है।

मरीजों के परिवारों का संघर्ष

घायलों के परिवार लगातार संघर्ष कर रहे हैं क्योंकि मरीज इन तीमारदारी के दौरान जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहते हैं। विशेषीकृत ट्रॉमा इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी का मतलब है कि कई पीड़ितों के लिए दूसरे मेडिकल सेंटर तक पहुंचने की यह यात्रा उनकी रिकवरी प्रक्रिया का सबसे खतरनाक चरण बन जाती है।

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