जामिया यूनिवर्सिटी छात्रों को जेल भेजने पर भड़का NSUI, रिहाई की मांग
NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने जामिया के दो छात्रों को तिहाड़ जेल भेजने की निंदा की और उनकी तुरंत रिहाई की मांग की है।

जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे दो छात्रों, जीशान अहमद और फैजान को न्यायिक हिरासत में भेजने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। इन दोनों छात्रों को तीन दिनों की न्यायिक हिरासत के बाद तिहाड़ जेल भेज दिया गया है, जिस पर NSUI ने गहरा रोष जताया है।
लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई अपराध नहीं: विनोद जाखड़
विनोद जाखड़ ने छात्रों की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग करना कोई आपराधिक अपराध नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्र संघ चुनाव की मांग करना एक जायज हक है और इसके लिए छात्रों को जेल भेजना बेहद चिंताजनक है। जाखड़ के मुताबिक, यह कदम सरकार की लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
NSUI अध्यक्ष ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने छात्रों के परिजनों या उनके कानूनी सलाहकारों को बिना कोई सूचना दिए उन्हें अदालत में पेश किया। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष और पारदर्शी समीक्षा की मांग की है।
जाखड़ ने आगे कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का एक बुनियादी हिस्सा है और दमन या हिरासत के जरिए छात्रों की आवाज को नहीं दबाया जा सकता। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार से मांग की कि जीशान अहमद और फैजान को तुरंत रिहा किया जाए और जामिया मिलिया इस्लामिया में जल्द से जल्द छात्र संघ चुनाव कराए जाएं, ताकि छात्रों को अपनी समस्याओं को उठाने के लिए एक उचित मंच मिल सके।