राहुल और प्रियंका गांधी पर FIR: NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ बोले- नहीं रुकेंगे विरोध प्रदर्शन

दिल्ली की सड़कों पर एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है। राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर (FIR) ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने स्पष्ट कर दिया है कि कानूनी कार्रवाइयों से विपक्ष डरने वाला नहीं है और उनका आंदोलन जारी रहेगा।
दरअसल, 6 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और उनके कई समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। यह कार्रवाई आकाशवाणी भवन में कथित तौर पर जबरन प्रवेश करने के आरोप में की गई है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस ने कुल चार एफआईआर दर्ज की हैं और 18 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक सीआईएसएफ (CISF) कांस्टेबल के साथ मारपीट का आरोप भी शामिल है।
CEC के इस्तीफे की मांग और सरकार पर हमला
विनोद जाखड़ ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि सरकार असली दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर "वोट चोरी" का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे और जेल भेजने की मांग की। जाखड़ का तर्क है कि जवाबदेही मुख्य चुनाव आयुक्त की होनी चाहिए, लेकिन एफआईआर राहुल गांधी जैसे नेताओं पर थोपी जा रही है।
दूसरी ओर, राहुल गांधी ने इन एफआईआर को लेकर बेबाकी से अपनी राय रखी। लगभग 300 सांसदों के साथ विरोध प्रदर्शन करने वाले राहुल गांधी ने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज इन मामलों को वह किसी 'मेडल' की तरह देखते हैं। उन्होंने साफ किया कि जब तक चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही नहीं आती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
इस बीच, बढ़ते दबाव और संसद में संभावित महाभियोग प्रस्ताव की चर्चाओं के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपना छत्तीसगढ़ दौरा टाल दिया है। 7 और 8 अक्टूबर को होने वाले इस दौरे को उन्होंने अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया है।