CEC के इस्तीफे की मांग पर दिल्ली में NSUI का प्रदर्शन, पुलिस ने कार्यकर्ताओं को पकड़ा

देश की राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस में मंगलवार को उस वक्त भारी हंगामा हो गया, जब नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 7 के पास आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और दिल्ली पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
यह पूरा मामला चुनावी गड़बड़ियों और मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) को लेकर उठाए गए सवालों से जुड़ा है। NSUI का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताएं बरती जा रही हैं, जिसे वे "वोट चोरी" का नाम दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ताओं और महिला पुलिसकर्मियों के बीच काफी धक्का-मुक्की और झड़प हुई।
जंतर मंतर पर नहीं मिली अनुमति, सड़क पर उतरे छात्र
NSUI के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रवि हनुमान पांडे ने बताया कि संगठन तब तक अपना अभियान जारी रखेगा जब तक CEC इस्तीफा नहीं दे देते। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि उन्हें जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई। संगठन का कहना है कि जंतर मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में डी-नोटिफाई किए जाने और रामलीला मैदान में दिसंबर के अंत तक तारीखें न मिलने की वजह से उनके पास अपनी बात रखने के लिए जगह नहीं बची है।
यह विरोध प्रदर्शन केवल NSUI तक सीमित नहीं है, बल्कि इंडियन यूथ कांग्रेस और INDIA गठबंधन भी चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ-साथ एस.एस. सन्धु और विवेक जोशी के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। इस पूरे मामले से जुड़ी कानूनी लड़ाई भी जारी है। चुनाव आयोग द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिविजन के प्रबंधन को चुनौती देने वाली एक याचिका पर 13 अक्टूबर को सुनवाई होनी थी, लेकिन जस्टिस की तबीयत खराब होने के कारण इसे अब 14 अक्टूबर तक टाल दिया गया है। NSUI ने संकेत दिए हैं कि अगले दो दिनों तक उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।