महिला कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप, दिल्ली पुलिस के खिलाफ NSUI का जोरदार प्रदर्शन

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन के बाहर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन उस घटना के बाद शुरू हुआ, जिसमें आरोप लगाया गया कि दिल्ली पुलिस ने राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 7 पर प्रदर्शन कर रही महिला कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की।
दरअसल, कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एक फ्लैश प्रोटेस्ट आयोजित किया था। संगठन का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और 'वोट चोरी' की गई है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
सोशल मीडिया पर वीडियो ने बढ़ाया तनाव
इस पूरे मामले में विवाद तब और बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में कथित तौर पर एक महिला पुलिस अधिकारी एक छात्रा को बालों से खींचकर हिरासत वाली बस में ले जाते हुए दिख रही है। हालांकि, दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि वे इस वीडियो की सत्यता की जांच कर रहे हैं।
दूसरी ओर, NSUI के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रवि हनुमान पांडे ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। संगठन ने अपने आधिकारिक X हैंडल के जरिए अपना गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा, "क्या आपको रत्ती भर भी शर्म नहीं आती? अपने अधिकारों और लोकतंत्र के लिए आवाज उठाने वाले छात्रों के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार!" उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की लाठियां छात्र साहस को नहीं दबा सकतीं और चुनाव आयोग के खिलाफ यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं दे देते।
गौरतलब है कि यह घटना उस समय हुई जब दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में डी-नोटिफाई कर दिया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि नए दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है, जिसके कारण पार्लियामेंट स्ट्रीट और अन्य अनधिकृत स्थानों पर भीड़ जमा करना प्रतिबंधित है। इसी बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रंका को भी जंतर मंतर जाने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिया गया।