NSUI ने ITPI अध्यक्ष प्रदीप कपूर की SPA गवर्निंग बॉडी नियुक्ति पर जांच की मांग की

National Students Union of India (NSUI) ने School of Planning and Architecture (SPA) की Governing Body में Institute of Town Planners, India (ITPI) के अध्यक्ष Pradeep Kapoor के कथित नामांकन पर गंभीर चिंता जताई है। छात्र संगठन ने मांग की है कि नियुक्ति की वैधता की जांच होने तक कपूर को उनकी सदस्यता से तुरंत निलंबित किया जाए। NSUI ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
SPA Act और नियमों का हवाला
NSUI का तर्क है कि School of Planning and Architecture Act, 2014 की धारा 13(2)(c) के अनुसार ITPI प्रतिनिधि को ITPI अध्यक्ष द्वारा नामित किया जाना चाहिए, लेकिन यह ITPI अध्यक्ष को स्कूल की Governing Body का पदेन सदस्य (ex-officio member) घोषित नहीं करता है। संगठन का दावा है कि यदि कपूर का नामांकन कानूनी प्रावधानों या ITPI उपनियमों का उल्लंघन करता है, तो एक औपचारिक जांच जरूरी है। संगठन ने वैधानिक प्रावधानों का पालन करने पर जोर दिया है।
बैठकों में भाग लेने और वित्तीय लाभ के आरोप
NSUI के अनुसार, कपूर ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की भर्ती व चयन से जुड़ी प्रक्रियाओं सहित विभिन्न Governing Body बैठकों में भाग लिया है। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि एक सदस्य के रूप में कपूर ने बैठक शुल्क, मानदेय, यात्रा भत्ते और दैनिक भत्ते सहित लाभ प्राप्त किए हैं। भर्ती प्रक्रियाओं और वित्तीय लाभों की ऑडिट की मांग की गई है।
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले का जिक्र और चेतावनी
Delhi High Court के Sudhir Vohra बनाम Union of India मामले के फैसले का हवाला देते हुए NSUI ने कहा कि अदालत ने Council of Architecture के प्रावधानों के संबंध में प्रतिनिधि शब्द के वैधानिक महत्व पर जोर दिया था। संगठन ने मांग की है कि कपूर की नियुक्ति और वित्तीय लाभों की स्वतंत्र, समयबद्ध जांच हो। यदि अधिकारी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उचित कार्रवाई करने में विफल रहते हैं, तो NSUI ने School of Planning and Architecture के बाहर विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। उचित कार्रवाई न होने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है।