NSUI चीफ का बड़ा आरोप: दिल्ली पुलिस ने महिलाओं के साथ की बर्बरता, बोले- हम डरने वाले नहीं

दिल्ली में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस ने उनके कार्यकर्ताओं, खासकर महिलाओं के साथ बर्बरता की है। जाखड़ का दावा है कि उन्हें और उनके कई साथियों को अलग-अलग पुलिस थानों में हिरासत में लिया गया है, लेकिन इस कार्रवाई से उनका हौसला नहीं टूटेगा।
विनोद जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर उनकी आवाज नहीं दबा सकती। उन्होंने लिखा, "हम डरने वाले नहीं हैं और न ही अपने सवालों से पीछे हटेंगे। महिलाओं पर पुलिस की बर्बरता के खिलाफ हम मजबूती से लड़ेंगे।"
तानाशाही का आरोप और हिरासत का मामला
विनोद जाखड़ ने बताया कि उन्हें दोपहर करीब 12 बजे द्वारका सेक्टर-23 पुलिस स्टेशन ले जाया गया था। उनके मुताबिक, केवल वे ही नहीं, बल्कि कई अन्य पुलिस थानों में भी NSUI कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान महिला कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की गई। इस विरोध प्रदर्शन में युवा कांग्रेस, सेवा दल और कांग्रेस पार्टी के कई सदस्य और सांसद भी शामिल थे, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया।
जाखड़ ने केंद्र सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में और पुलिस की इस बर्बरता के खिलाफ खड़े हैं। उन्होंने सवाल किया कि प्रशासन कितने लोगों को और कितनी देर तक हिरासत में रखेगा, लेकिन वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब NSUI कार्यकर्ताओं ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान उन्हें पीटा गया और पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया। इसी बीच, शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 'लेहरा दो तिरंगा' विरोध प्रदर्शन की भी तैयारी थी, जिसके बीच ये घटनाक्रम सामने आए हैं।