उत्तर भारत में मौसम का बदला मिजाज, IMD ने जारी किया बारिश और बर्फबारी का अलर्ट

उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जो इस बात का संकेत है कि अब ठंड की दस्तक होने वाली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की है, जबकि देश के 12 राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में ठंडी हवाओं और बादलों की आवाजाही ने लोगों को राहत दी है। 10 अक्टूबर को दिल्ली का अधिकतम तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस गिरकर 33.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य से थोड़ा कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान भी 1.1 डिग्री सेल्सियस घटकर 23.8 डिग्री सेल्सियस रहा। शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 122 दर्ज किया गया, जिसे 'मध्यम' श्रेणी में रखा गया है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण आज दिल्ली में हल्की बारिश होने की उम्मीद है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों का हाल
पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम काफी चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है। उत्तराखंड के सात जिलों, जिनमें चमोली और नैनीताल शामिल हैं, में तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका के चलते विशेष सतर्कता बरती जा रही है। शनिवार को केदारनाथ पैदल मार्ग पर मलबे के खिसकने से यात्रियों की आवाजाही में बाधा आई। वहीं, जम्मू-कश्मीर के बारामूला, बुदगम और अनंतनाग समेत कई जिलों में बारिश और बर्फबारी की चेतावनी दी गई है, जहां 20-30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश के मंडी, सोलन और कांगड़ा जैसे जिलों में भी 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ बारिश और बर्फबारी का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, हालांकि पूर्वी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। बिहार में पटना, गोपालगंज और बक्सर समेत कई जिलों में बारिश का पूर्वानुमान है, जिससे खड़ी फसलों पर असर पड़ सकता है। पटना में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री रहने की संभावना है।
राष्ट्रीय स्तर पर IMD ने 21 राज्यों में मूसलाधार बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 3-4 दिनों में मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा, जिसके बाद अक्टूबर के मध्य से ठंड और अधिक बढ़ सकती है। इसके अलावा, तटीय राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, ओडिशा और महाराष्ट्र के मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि वहां 70-75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।