उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदला: दिल्ली-NCR में भारी बारिश और ओलों का ऑरेंज अलर्ट

उत्तर भारत में मौसम ने अचानक करवट ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में बारिश, ओले गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। 15 अक्टूबर 2026 को दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में अचानक काले बादल छा गए और ठंडी हवाओं के साथ हल्की बारिश शुरू हो गई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। चेतावनी के मुताबिक, इस क्षेत्र में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है, जिसकी दर 5 से 15 मिलीमीटर प्रति घंटा तक रहने का अनुमान है। इसके साथ ही बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी प्रबल संभावना जताई गई है। केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी मौसम खराब रहने की उम्मीद है।
इन राज्यों में अलर्ट और हवाओं की रफ्तार
उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे हाथरस, मथुरा, अलीगढ़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, संभल, हापुड़, अमरोहा, गाजियाबाद, मेरठ और बागपत में विशेष चेतावनी जारी की गई है। वहीं पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह स्थिति मध्य राजस्थान के ऊपर बने एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण और पूर्वी उत्तर प्रदेश से निकलने वाले ट्रफ के कारण बनी है।
हवाओं की गति को लेकर भी चेतावनी दी गई है। उत्तर प्रदेश में हवा की रफ्तार 40-60 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है, जबकि जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं।
इस मौसम परिवर्तन का असर दिल्ली के तापमान और प्रदूषण पर भी दिखा है। 15 अक्टूबर को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.7 डिग्री अधिक था, जबकि अधिकतम तापमान 29 डिग्री रहने का अनुमान है। अच्छी बात यह है कि बारिश की वजह से हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और सुबह 9 बजे AQI 165 दर्ज किया गया, जो पिछले दिन 192 था।
दूसरी ओर, हरियाणा के किसानों के लिए यह मौसम चिंता का विषय बन गया है। बारिश और ओलों के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। कैथल की मंडियों में धान की फसलें पहले ही गीली होने की खबरें सामने आई हैं, जिसके चलते किसानों को अपडेट रहने की सलाह दी गई है। माना जा रहा है कि यह मौसम प्रणाली 16 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद पंजाब और हरियाणा में दोबारा शुष्क मौसम लौटने की उम्मीद है।