उत्तर भारत में मौसम का अलर्ट: 11 अक्टूबर को भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 अक्टूबर के लिए एक व्यापक चेतावनी जारी की है, जिसमें भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण आने वाले इस चार दिवसीय गीले स्पेल का असर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में देखने को मिलेगा।
मौसम विभाग के अनुसार, 11 अक्टूबर को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्रों में छिटपुट भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, जो झोंकों के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। विशेष रूप से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में गरज-चमक और 40-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है।
यूपी में भारी बारिश और पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड का खतरा
उत्तर प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। राज्य के कई जिलों जैसे गाजियाबाद, मेरठ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, लखीमपुर खीरी और सोनभद्र समेत कई अन्य इलाकों में हल्की से बहुत भारी बारिश की संभावना है। यहां 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, उत्तराखंड में 14 अक्टूबर तक रुक-रुक कर बारिश होने के आसार हैं, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का खतरा बढ़ गया है और प्रशासन ने सतर्क रहने की सलाह दी है।
पंजाब में भारी बारिश का असर अभी से दिखने लगा है, जहां धान की खरीद प्रक्रिया में बाधा आई है और अनाज मंडियों में जलभराव की स्थिति बन गई है। जालंधर, पटियाला, कपूरथला और संगरूर जैसे जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब और हरियाणा में 12 से 14 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी, जबकि 15 अक्टूबर को बारिश का दायरा और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।