उत्तर-पूर्वी दिल्ली में रंगदारी के लिए फायरिंग, पुलिस ने 4 आरोपियों को दबोचा

दिल्ली की उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने न्यू उस्मानपुर इलाके में एक कारोबारी के घर पर फायरिंग करने और लाखों रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने इस साजिश में शामिल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह पूरी वारदात एक टी-शर्ट के थोक कारोबारी को डरा-धमकाकर उनसे मोटी रकम वसूलने की एक सोची-समझी साजिश थी।
घटना 15 अक्टूबर की रात करीब 12:55 बजे की है, जब गांधी नगर कपड़े के बाजार में दुकान चलाने वाले कारोबारी के घर (गली नंबर 9, फर्स्ट पुश्ता) के मुख्य गेट पर अचानक गोलियां चलीं। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि मोटरसाइकिल पर सवार दो नकाबपोश बदमाश आए, जिनमें पीछे बैठे शख्स ने घर के अंदर कुछ फेंका और गेट पर फायरिंग कर फरार हो गया। वारदात के बाद गेट के पास से एक धमकी भरा नोट भी मिला और कारोबारी को अमेरिका के नंबर से रंगदारी मांगने वाले कॉल आने लगे।
साजिश का खुलासा और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच की, तो पता चला कि इस हमले के पीछे एक पूरा गिरोह था। कारोबारी ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद आकाश उर्फ वीरू नाम के व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और मामला सुलझाने के बदले लाखों रुपयों की मांग की। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज में मोंटी नाम का एक शख्स भी घर की तरफ इशारा करते हुए नजर आया।
पुलिस ने पहले 32 वर्षीय एकंत भाटी (उर्फ संजू भाटी/मास्टरजी) को पकड़ा, जिसने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया। एकंत के खुलासे के बाद पुलिस ने मोंटी, आकाश उर्फ वीरू और आशीष डेढ़ा को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि इस गैंग ने हमला करने के लिए दो शूटरों को किराए पर लिया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें इस अपराध से जुड़े तकनीकी सबूत होने का दावा किया गया है।
फिलहाल, पुलिस उन फरार शूटरों और अन्य साथियों की तलाश कर रही है जिन्होंने इस हमले को अंजाम दिया था। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।