दिल्ली के नाइट क्लब में बीयर गिरने पर विवाद, ड्राइवर को पीट-पीटकर मार डाला; 5 गिरफ्तार

राजधानी के उत्तरी दिल्ली इलाके में एक खौफनाक वारदात सामने आई है, जहां एक नाइट क्लब में मामूली विवाद ने जानलेवा मोड़ ले लिया। बीयर गिरने की वजह से शुरू हुई कहासुनी इतनी बढ़ गई कि क्लब के बाउंसरों और स्टाफ ने मिलकर एक 29 वर्षीय ड्राइवर की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने क्लब मैनेजर और उसकी पत्नी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
यह पूरी घटना शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को सराय रोहिल्ला पुलिस इलाके के अशोक पार्क मेट्रो स्टेशन के पास स्थित 'टोर हाउस' नाइट क्लब में हुई। जानकारी के मुताबिक, रघुवीर नगर निवासी दलजीत सिंह अपने दोस्तों के साथ क्लब गया था। वहां क्लब मैनेजर सनी (गौरव) की पत्नी हर्षिता का जन्मदिन मनाया जा रहा था। आरोप है कि दलजीत या उसके किसी दोस्त से गलती से हर्षिता पर बीयर गिर गई। हालांकि, दलजीत और उसके साथियों ने माफी मांगी, लेकिन इसके बावजूद क्लब के बाउंसरों और स्टाफ ने उन पर हमला बोल दिया।
बाउंसरों ने बोतलों और डंडों से किया हमला
मृतक के दोस्तों ने पुलिस को बताया कि हमलावरों ने उन्हें जबरन क्लब के अंदर खींच लिया और वहां डंडों व कांच की बोतलों से उनकी पिटाई की। पीड़ितों का दावा है कि जब उन्होंने वहां से भागने की कोशिश की, तो उन पर पानी डाला गया ताकि वे निकल न सकें। इस बर्बर हमले में दलजीत का जबड़ा टूट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके दोस्त उसे घर ले गए, लेकिन घर के पास पहुंचते ही वह बेहोश होकर गिर पड़ा। रविवार को उसे गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए क्लब मैनेजर सनी, उसकी पत्नी हर्षिता, बाउंसर विकास बालियान, गेट स्टाफ श्रवण कुमार और गेस्ट ऑर्गेनाइजर दिलावर (हसनैन) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या, हत्या के प्रयास, गलत तरीके से बंधक बनाने और आपराधिक धमकी की धाराओं के साथ-साथ COTPA एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने क्लब का CCTV फुटेज जब्त कर लिया है ताकि घटना की कड़ियों को जोड़ा जा सके। साथ ही, क्लब के लाइसेंस और परमिट की जांच के लिए आबकारी विभाग से संपर्क किया गया है। इस बीच, लापरवाही बरतने के आरोप में इंद्रलोक पुलिस पोस्ट के इंचार्ज को जिला लाइन्स भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या हमले के दौरान किसी ने हथियार निकाला था और क्या पीड़ितों के मोबाइल और पैसे चोरी हुए थे।