दिल्ली में नॉन-बीएस6 बसों की एंट्री पर रोक, सोनीपत पुलिस ने कसी कमर

राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के निर्देशों के बाद अब 1 नवंबर से दिल्ली में उन बसों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाएगा, जो BS-6 मानकों को पूरा नहीं करती हैं। इस आदेश को सख्ती से लागू करने के लिए सोनीपत पुलिस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
सोनीपत पुलिस कमिश्नर ममता सिंह और डीसीपी (मुख्यालय एवं ट्रैफिक) सोनाक्षी सिंह के मार्गदर्शन में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी बस ऑपरेटरों को नए उत्सर्जन मानकों के बारे में समय रहते सूचित कर दिया जाए। अब केवल इलेक्ट्रिक, सीएनजी या BS-VI डीजल मानकों वाली बसों और बाहरी राज्यों के कमर्शियल गुड्स वाहनों को ही दिल्ली की सीमा में प्रवेश मिलने की अनुमति होगी।
चेकिंग के लिए तैनात होंगी स्पेशल टीमें
प्रशासन ने इस बार नियमों की अनदेखी करने वालों पर नकेल कसने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। दिल्ली परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस बॉर्डर चेकpoints पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) और रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) सिस्टम का इस्तेमाल करेंगे। इसके अलावा, बॉर्डर एंट्री पॉइंट्स पर 48 विशेष निरीक्षण टीमें तैनात की जाएंगी, जो वाहनों की बारीकी से जांच करेंगी।
यह प्रतिबंध उन सभी हल्के, मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों पर लागू होगा, जिनमें ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट शामिल है। हालांकि, जो वाहन पहले से ही दिल्ली में पंजीकृत हैं, उन्हें इस विशिष्ट जनादेश से छूट दी गई है।
यह पूरी कवायद दिल्ली के 'प्रोएक्टिव विंटर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट फ्रेमवर्क' का हिस्सा है। इसके तहत एनसीआर में 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' की नीति लागू की गई है। साथ ही, प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक दिल्ली में पार्किंग शुल्क को दोगुना करने की योजना भी बनाई गई है।