नोएडा में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रदर्शनी और लघु फिल्म आयोजित

Kittu Kumari14 August 20262 min read67 viewsNCR
नोएडा में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रदर्शनी और लघु फिल्म आयोजित

नोएडा के विकास भवन सभागार में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर एक भावपूर्ण एवं गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में वर्ष 1947 में देश के विभाजन के समय विस्थापन, पलायन और हिंसा की पीड़ा झेलने वाले लोगों के संघर्ष, त्याग और बलिदान को याद किया गया। कार्यक्रम की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- विकास भवन सभागार में प्रदर्शनी और लघु फिल्म का आयोजन किया गया।
- 1947 के विभाजन की पीड़ा, संघर्ष और बलिदान को याद किया गया।
- सामाजिक सद्भाव, आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का आह्वान किया गया।
- कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

कार्यक्रम में पहुंचे प्रमुख अतिथि और अधिकारी

इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष गौतमबुद्धनगर अभिषेक शर्मा और भाजपा उपाध्यक्ष अनूप प्रधान शामिल हुए। इसके अलावा मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, प्रभारी जिला विकास अधिकारी/परियोजना निदेशक डीआरडीए नेहा सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी संतोष कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार और उप कृषि निदेशक राजीव कुमार भी उपस्थित रहे।

प्रदर्शनी और लघु फिल्म के जरिए दिखाई गई 1947 की त्रासदी

मुख्य अतिथि अभिषेक शर्मा ने जिला पंचायत राज विभाग द्वारा लगाई गई ‘विभाजन विभीषिका’ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान देशवासियों द्वारा झेली गई पीड़ा, विस्थापन, पलायन और संघर्ष से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं को प्रदर्शित किया गया। वहीं, सूचना विभाग की ओर से विभाजन की ऐतिहासिक घटनाओं और कठिन परिस्थितियों पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रसारण किया गया, जिसे देखकर सभागार में मौजूद अधिकारी और गणमान्यजन भावुक नजर आए।

अधिकारियों ने साझा किए विचार और दी श्रद्धांजलि

मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि वर्ष 1947 का विभाजन मानव विस्थापन और मजबूरी में हुए पलायन की बेहद दर्दनाक घटना थी। उन्होंने कहा कि यह दिन केवल अतीत की पीड़ा को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, शांति, सौहार्द और भाईचारे के महत्व को समझने का भी अवसर है। कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन धारण कर विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वालों और पीड़ित परिवारों को श्रद्धांजलि दी गई तथा वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के बीच राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।

Share:

Comments

Leave a comment