दिल्ली विंटर एक्शन प्लान: नोएडा में टैक्सी और माल ढुलाई किराया 25% तक बढ़ सकता है
दिल्ली के विंटर एक्शन प्लान के कारण नोएडा और ग्रेटर नोएडा में टैक्सी और माल ढुलाई किराए में 25% तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

दिल्ली सरकार द्वारा प्रदूषण से निपटने के लिए तैयार किए गए नोएडा टैक्सी किराया वृद्धि की संभावना वाले विंटर एक्शन प्लान ने अब आम जनता की जेब पर असर डालना शुरू कर दिया है। राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए लागू होने वाले कड़े नियमों के कारण नोएडा और ग्रेटर नोएडा में टैक्सी और माल ढुलाई (Freight) की दरों में 20 से 25 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिल सकता है।
दरअसल, कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) द्वारा अनुमोदित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत एक बड़ा फैसला लिया गया है। इसके मुताबिक, 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली की सीमा में BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। यह प्रतिबंध मुख्य रूप से उन वाहनों पर लागू होगा जो दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड हैं। इसके साथ ही, दिल्ली रजिस्टर्ड उन वाहनों पर भी सख्ती होगी जो BS-6 मानकों को पूरा नहीं करते हैं।
सख्ती से लागू होगा 'नो PUC, नो फ्यूल' नियम
इस पूरे अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। बॉर्डर चेकpoints पर करीब 300 कर्मियों की तैनाती की जा रही है और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी। इतना ही नहीं, 1 नवंबर 2026 से पूरे NCR में 'नो PUC, नो फ्यूल' पॉलिसी को सख्ती से लागू किया जाएगा, यानी बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र के वाहनों में ईंधन नहीं भरा जा सकेगा।
हालांकि, इस पाबंदी से कुछ श्रेणियों को राहत दी गई है। आपातकालीन सेवाएं, इलेक्ट्रिक वाहन, फैक्ट्री-फिटेड CNG गाड़ियां और दिव्यांगजनों द्वारा उपयोग किए जाने वाले परिवहन वाहनों को इस दायरे से बाहर रखा गया है। जानकारों का मानना है कि पुराने और अधिक उत्सर्जन करने वाले वाहनों के बाहर होने से लॉजिस्टिक्स में दिक्कत आएगी, जिसका सीधा असर किराए और सप्लाई चेन पर पड़ेगा।