नोएडा सुपरनोवा सोसाइटी में गहराया पानी का संकट, प्राधिकरण ने काटी गंगा जल की सप्लाई

नोएडा के सुपरटेक सुपरनोवा अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में रहने वाले लोगों को इन दिनों भारी जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के सामने आने के बाद से लगभग 450 परिवारों और करीब 1200 नागरिकों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए महंगे पैकेटबंद पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
नलों में आ रहा दूषित और बदबूदार पानी
निवासियों की शिकायत है कि नलों में आने वाला पानी दुर्गंधयुक्त, पीले-काले रंग का और कीड़ों से युक्त है। यह गंभीर मामला 14 सितंबर 2026 को भारतीय एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था। पानी की इस खराब गुणवत्ता के कारण लोग इसका उपयोग करने में पूरी तरह असमर्थ हैं।
क्यों काटी गई गंगा जल की सप्लाई?
यह संकट नोएडा प्राधिकरण द्वारा 3 सितंबर 2026 को बकाया राशि का हवाला देते हुए सोसाइटी की गंगा जल आपूर्ति बंद करने के बाद पैदा हुआ है। लगभग 42 लाख रुपये का मूल पानी का बिल ब्याज जुड़ने के कारण बढ़कर करीब 72 लाख रुपये हो गया है। इसके चलते मजबूर होकर निवासी भूजल का उपयोग कर रहे हैं, जिसमें टीडीएस यानी कुल घुले हुए ठोस पदार्थों का स्तर बहुत अधिक बताया जा रहा है।
बिल्डर और एओए के बीच बकाया विवाद
अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन यानी एओए का कहना है कि ये बकाया शुल्क बिल्डर के कार्यकाल के दौरान का है। मार्च 2025 में नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल यानी एनसीएलएटी के आदेश के बाद जब एओए ने सोसाइटी की व्यवस्था संभाली, तब सुपरटेक द्वारा इन शुल्कों का भुगतान नहीं किया गया था। एओए के कोषाध्यक्ष नरेश नंदवानी ने बताया कि निवासियों और नोएडा प्राधिकरण के बीच यह विवाद अभी भी अनसुलझा है। इस पूरे मामले के व्यापक संदर्भ में सुपरटेक से जुड़ी चल रही दिवालिया प्रक्रिया और रुकी हुई परियोजनाओं को हल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति की भूमिका भी शामिल है।